पकड़े गए जालसाजों में तीन पुरूष व तीन महिलाएं शामिल

    मेट्रोमोनियल साइट के जरिए धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गैंग का खुलासा
पकड़े गए जालसाजों में तीन पुरूष व तीन महिलाएं शामिल
– मास्टरमाइंड अमित की तलाश में की जा रही छापेमारी: एसपी
फोटो परिचय- पत्रकारों से बातचीत करते एसपी अभिमन्यु मांगलिक एवं पीछे खड़े अपराधी।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर– जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने एसपी अभिमन्यु मांगलिक के दिशा-निर्देशन में मेट्रोमोनियल साइट के नाम पर शादी कराने का झांसा देकर काल सेंटर के जरिए आम जनमानस से वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल अंतर्राज्यीय गिरोह के छह अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, सिम व कम्प्यूटर आदि बरामद किया है। एसपी ने पुलिस टीम को पंद्रह हजार रूपए के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करते हुए उत्साहवर्धन किया है।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए दस दिन पूर्व जिले की कमान संभालने वाले युवा पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल पर प्रदर्शित संदिग्ध मोबाइल नंबरों की साइबर क्राइम पुलिस द्वारा 31 मार्च को जांच/सत्यापन के क्रम में एकत्रित अभिलेखीय/इलेक्ट्रिानिक सबूतों के आधार पर राधानगर थाने के अंतर्गत देवीगंज मुहल्ले में किराये के मकान में मेट्रोमोनियल साइट के नाम पर शादी कराने का झासा देकर काल सेंटर के जरिए आम जनमानस से वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले काल सेंटर का भंडाफोड़ कर साइबर क्राइम पुलिस थाने पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करके आधा दर्जन लोगों को गिरफ्ताार कर लिया गया। इनमें आदित्य यदु पुत्र धर्मेन्द्र यदु निवासी ग्राम पसीद पोस्ट बिटकुली थाना करही बाजार जनपद बदोदा बाजार छत्तीसगढ़ हाल पता टीचर्स कालोनी हरिहरगंज थाना कोतवाली, अनिल कुमार पुत्र बाला प्रसाद निवासी नहेड़ी पोस्ट लश्करपुर थाना कोरावल जनपद राजगढ़ मध्य प्रदेश हाल पता उपरोक्त, दिनेश कुमार बंजारे पुत्र कौशल प्रसाद बंजारे निवासी ग्राम डोंगरी डीह पोस्ट अमलेडी थाना मॉल खरौंदा छत्तीसगढ़, हाल पता मकान नं0 108/52 ए आरके नगर थाना सीसामऊ कानपुर नगर व नीलम पुत्री हीरालाल निवासी ग्राम हरियापुर थाना ललौली, तनु शर्मा पुत्री अरविन्द कुमार निवासी बहुआ पुलिया थाना राधानगर, श्रेया मिश्रा पुत्री राजेश कुमार शर्मा निवासी ग्राम कांधी थाना मलवां शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि उन लोगों द्वारा यहां पर यूनिक रिश्ते काम वेबसाइट के माध्यम से शादी के इच्छुक महिला व पुरूषों के मोबाइल नंबर प्राप्त किए जाते थे। उन नंबरों पर काल करके उन्हें अलग-अलग पैकेज के आफर दिए जाते थे और क्यूआर कोड के माध्यम से बैंक खातों में पैसे लिए जाते थे। इन लोगों ने बताया कि उनके पास 2999 रूपए से लेकर 29999 तक की पांच श्रेणियों के आफर थे। इसके बाद इच्छुक व्यक्तियांे को वाट्सएप के जरिए लड़के/लड़कियों के फोटो भेजे जाते थे। फोटो पसंद आने पर एक मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया जाता था, जिस पर वह बात करते थे। पकड़े गए जालसाजों ने बताया कि यह काल सेंटर यहां पर पिछले 18 माह से चलाया जा रहा है। आगरा निवासी अमित कुमार के सहयोग से फर्म का पंजीकरण कराया गया और कंपनी संचालन हेतु आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। अक्टूबर 2024 से नियमानुसार कर्मचारियों की नियुक्ति कर बड़े स्तर पर संचालित करना शुरू किया। हम लोगों का मुख्य उद्देश्य शादी के इच्छुक व्यक्तियों को ठगना था। अमित कुमार हमें लड़कियों के फर्जी फोटो व मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था। इस काम के लिए सिम कार्ड कानपुर की नंदनी नाम की महिला जो एयरटेल कंपनी कानपुर में कर्मचारी है, उसके माध्यम से उपलब्ध कराए जाते थे। शादी के इच्छुक व्यक्तियों को फर्जी फोटो और नंबर देते थे उसके बदले प्राप्त धनराशि से कर्मचारियों का वेतन देने के बाद शेष रकम अमित, अनिल और सभी लोग आपस में बांट लेते थे। इस तरह हम लोग जनता के साथ साइबर वित्तीय ठगी करते थे। कंपनी के नाम से विभिन्न बैंकों में लगभग छह खाते संचालित हैं। यह भी बताया कि हम लोग एक-दो बार फर्जी लड़कियों से बात कराकर विश्वास जीतते थे और पैसा प्राप्त होने के बाद संबंधित व्यक्तियों से संपर्क बंद कर देते थे। इस अवैध कारोबार में हम लोगों को अच्छी कमाई होती थी। छह माह पहले तनु शर्मा के नाम से बैंक खाता खुलवाकर उसे लेन-देन के संचालन का काम सौंपा गया था। हमारा सहयोगी दिनेश बंजारा भी कानपुर के थाना सीसामऊ अंतर्गत हीरागंज मुहल्ले में शुभ मंगल जोड़ी के नाम से ऐसी ही एक फर्म चलाता है। पकड़ी गई नीलम और श्रेया टीम लीडर की भूमिका में काम करती थीं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गैंग का मास्टरमाइंड अमित है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें प्रयास कर रही हैं जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होने बताया कि एनआरपी पोर्टल पर 17 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जो छत्तीसगढ़, हिमांचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, गुजरात की हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम की अगुवई सीओ अपराध प्रगति यादव ने की थी। जबकि टीम में साइबर क्राइम थाने के प्रभारी निरीक्षक मो0 कमर खान, उपनिरीक्षक रणधीर सिंह, मुख्य आरक्षी सुमेश कुमार, आरक्षी अभिषेक कुमार, अरूण कुमार, शुभेन्दु रंजन व महिला आरक्षी सुगंध शामिल हैं।

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