परिवार का आरोप है कि यह पूरी घटना पूर्व नियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई

   सबूत मिटाए, मां को घर में किया कैद, फिर भी गिरफ्तारी नहीं— संपूर्ण समाधान में भी की शिकायत व पुलिस अधीक्षक से भी लगाई गुहार कालपी के कदौरा थाना में दबंगों के हौसले बुलंद ?”

दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन कालपी (जालौन) —  जनपद जालौन के कालपी तहसील अंतर्गत थाना कदौरा क्षेत्र से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ इलाके को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

थाना कदौरा के ग्राम करमचंद्रपुर से करीब 10 से लापता एक विवाहित/किशोरी की तलाश में उसकी विधवा मां दर-दर भटकने को मजबूर है, लेकिन अब तक न तो बेटी का कोई सुराग मिला है और न ही आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई दे रही है।

पीड़िता की मां ने रोते-बिलखते हुए बताया कि ग्राम करमचंद्रपुर निवासी दबंग मलखान यादव का पुत्र तारा सिंह यादव तथा उसके मामा का लड़का शिपू यादव पुत्र श्याम यादव निवासी ग्राम फतेहपुर, तहसील मौदहा ने उसकी बेटी का अपहरण कर लिया है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह पूरी घटना पूर्व नियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई।

मामले में सबसे चौंकाने वाला और गंभीर आरोप यह है कि पीड़िता की मां के अनुसार, आरोपियों ने उनके मोबाइल फोन छीनकर सभी कॉल रिकॉर्डिंग और अहम सबूतों को डिलीट कर दिया, जिससे सच्चाई सामने न आ सके।

यहीं नहीं, पीड़िता की मां का यह भी आरोप है कि दबंग मलखान यादव ने अपनी दबंगई दिखाते हुए उन्हें करीब चार दिन तक घर से बाहर नहीं निकलने दिया, धमकाकर चुप रहने का दबाव बनाया गया। किसी तरह जान बचाकर पीड़िता की मां 15 जनवरी 2026 को थाना कदौरा पहुंची और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।

सूत्रों की मानें तो, मामले में प्रथम दृष्टया कई साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोग खुलकर सवाल पूछ रहे हैं—

क्या पीड़ित परिवार अनुसूचित जाति (SC) समाज से होने के कारण कार्रवाई में देरी की जा रही है?
क्या कानून सबके लिए बराबर नहीं है?

इंसाफ की आस में पीड़िता की मां 17/01/26 को कालपी में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची और वहां जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए न्याय की गुहार लगाई।
पीड़िता की मां ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि—

“अगर मेरी बेटी के साथ कोई भी अनहोनी होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी मलखान यादव के पुत्र और उसके भतीजे की होगी।”

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि
क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?
जब पीड़िता, आरोप, गवाह और परिस्थितियां सब सामने हैं, तो फिर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं?

यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि प्रशासनिक निष्पक्षता और सामाजिक न्याय की भी अग्निपरीक्षा बन चुका है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब जागता है और पीड़ित परिवार को कब मिलता है न्याय।
अब 21/01/26 को इंसाफ की आखरी आस लेकर विधवा मां ने पुलिस अधीक्षक महोदय से अनुरोध किया कि कदौरा पुलिस अपराधियों से मिली है। हल्का इंचार्ज पियूष कुमार ने पीड़ित को अपनी गाड़ी में बैठाया और कहा जो में बोलूं वो बोलना और बयान लिया और चले गए अब पीड़ित ने कहा कि यदि मेरी लड़की के साथ किसी प्रकार की कोई घटना घटती है तो उसकी सारी जिम्मेदारी कदौरा पुलिस व मलखान यादव के पुत्र तारा यादव व शिपू यादव पुत्र श्याम यादव ग्राम फतेहपुर तहसील मौदहा की होगी।

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