अनुशासन व सेवा भावना के साथ संपन्न हुआ शिविर का दूसरा दिन
अनुशासन व सेवा भावना के साथ संपन्न हुआ शिविर का दूसरा दिन
अनुशासन व सेवा भावना के साथ संपन्न हुआ शिविर का दूसरा दिन
– प्राइमरी स्कूल गढ़वा का स्वयंसेवकों ने किया भ्रमण
– स्वयंसेवकों ने व्यापक स्तर पर चलाया स्वच्छता अभियान
फोटो परिचय- भ्रमण के लिए स्वयंसेवकों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना करते प्राचार्य। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर– डॉ भीमराव अंबेडकर महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह, अनुशासन एवं सेवा भावना के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ राजेश कुमार यादव के संरक्षण व कार्यक्रम अधिकारी डॉ लक्ष्मीना भारती के कुशल निर्देशन में आयोजित किया गया। स्वयंसेवकों में विशेष ऊर्जा एवं समाज के प्रति सेवा का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
दिवस की शुरुआत प्रातःकालीन सभा के साथ हुई। जिसमें स्वयंसेवकों को अनुशासन, समय प्रबंधन एवं टीम वर्क के महत्व के बारे में बताया गया। इसके उपरांत स्वयंसेवकों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर निर्धारित कार्यों के लिए भेजा गया। द्वितीय दिवस की प्रमुख गतिविधि के अंतर्गत एनएसएस स्वयंसेवकों ने प्राइमरी स्कूल गढ़वा का भ्रमण किया। इसके पश्चात स्वयंसेवकों ने व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। दोपहर के सत्र में एक प्रभावशाली बौद्धिक व्याख्यान (इंटेलेक्चुअल सेशन) आयोजित किया गया। इस सत्र में असिस्टेंट प्रोफेसर जूलॉजी डॉ राजकुमार ने जल संरक्षण का महत्व एवं उपाय विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने आपसी सहयोग, अनुशासन एवं समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ लक्ष्मीना भारती ने सभी स्वयंसेवकों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एनएसएस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज सेवा की भावना को विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्वयंसेवकों को आगे भी इसी प्रकार समाज के हित में कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।
अंत में सभी स्वयंसेवकों द्वारा दिनभर की गतिविधियों की समीक्षा की गई। आगामी दिवस की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। द्वितीय दिवस का यह आयोजन न केवल सफल रहा, बल्कि स्वयंसेवकों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक भी सिद्ध हुआ।