जुलूस की शक्ल में नारेबाजी कर पहुंचे कलेक्ट्रेट, पीएम को भेजा ज्ञापन
जुलूस की शक्ल में नारेबाजी कर पहुंचे कलेक्ट्रेट, पीएम को भेजा ज्ञापन
काशी में ऐतिहासिक विरासत को क्षति पहुंचाने पर अहिल्या आर्मी नाराज
– जुलूस की शक्ल में नारेबाजी कर पहुंचे कलेक्ट्रेट, पीएम को भेजा ज्ञापन
फोटो परिचय- कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते अहिल्या आर्मी के पदाधिकारी। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। काशी (वाराणसी) में गंगा के तट पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर जी की ऐतिहासिक विरासत एवं प्रतिमा को क्षति पहुंचाए जाने पर अहिल्या आर्मी भारत एकता मिशन नाराज दिखी। जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज्ञापन भेजते हुए ऐतिहासिक मूर्तियों व संरचनाओं को तत्काल सुरक्षित किए जाने की मांग की।
अहिल्या आर्मी भारत एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र पाल की अगुवई में पदाधिकारी नारेबाजी करते हुए हाथों में अहिल्याबाई होलकर के चित्र लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया तत्पश्चात जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा कि भारत की आत्मा, संस्कृति व लोककल्याणकारी पंरपरा की प्रतीक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर जी की विरासत पर काशी की पावन धरती पर जो आघात हुआ है उसने देश के करोड़ो नागरिकों के हृदय को गहरे दुख व आक्रोश से भर दिया है। वाराणसी के मणिकर्णिका क्षेत्र में गंगा तट पर विकास के नाम पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर द्वारा संरक्षित मंदिरों व उनकी प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया जाना केवल पत्थरों का टूटना नहीं बल्कि यह उस विचारधारा पर चोट है जिसने भारत को न्याय, धर्म, करूणा और लोककल्याण का मार्ग दिखाया। संगठन ने प्रधानमंत्री से मांग किया कि गंगा तट पर खंडित की गई सभी ऐतिहासिक मूर्तियों व संचनाओं को तत्काल प्रभाव से संरक्षित किया जाए, लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर जी की भव्य, सम्मानजनक व ऐतिहासिक गरिमा के अनुरूप प्रतिमा का पुनः निर्माण व स्थापना कराई जाए, भविष्य में लोकमाता की विरासत से जुड़ी किसी भी ऐतिहासिक धरोहर को क्षति न पहुंचे इसके लिए स्पष्ट व कठोर निर्देश जारी किए जाएं। इस मौके पर बउवा, केशवराम, फूल सिंह पाल, भोला प्रसाद, संजय, शिवबरन, चन्द्रकला, चन्द्रिका, सुखलाल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।