डिपो प्रबंधक ने एफसीआई की कार्यप्रणाली व महत्व पर डाली रोशनी

फोर्टिफाइड चावल कुपोषित बच्चों के लिए वरदान: वार्ष्णेय

- डिपो प्रबंधक ने एफसीआई की कार्यप्रणाली व महत्व पर डाली रोशनी

फोटो परिचय- (5) पत्रकारों से बातचीत करते डिपो प्रबंधक नितिन वार्ष्णेय।

फतेहपुर। भारतीय खाद्य निगम के डिपो प्रबंधक नितिन वार्ष्णेय ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचने के लिए पोषण युक्त चावल फोर्टिफाइड का वितरण शुरू किया गया है। यह चावल बच्चों के लिए वरदान से कम नहीं है। उन्होने एफसीआई के दैनिक कार्य प्रणाली से भी अवगत कराया।

शहर के राधानगर स्थित एफसीआई के खाद्य संग्रह भंडार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री वार्ष्णेय ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम भारत सरकार की सर्वप्रमुख संस्था है। जो भारत की 82 करोड़ गरीब जनता को मुफ्त अनाज वितरण करती है। एफसीआई के गोदाम में पारदर्शिता के साथ नवीनतम तकनीकों डिपो ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से सभी कार्य संचलित किये जाते हैं। उन्होने एफसीआई की दैनिक कार्य प्रणाली से भी अवगत कराया। खाद्यान्न के भण्डारण तथा संरक्षण की नवीनतम पद्धति एवं तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होने पत्रकारों को बताया कि भारत सरकार द्वारा कुपोषण से बचने के लिए पोषण युक्त चावल फोर्टिफाइड चावल का वितरण शुरू किया गया है। जिसमें आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी 12 पाया जाता है। फोर्टिफाइड चावल को कुछ लोग प्लास्टिक का चावल समझते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। ग्रामीणांचलों में कुपोषण से जूझ रहे बच्चों के लिए यह एक वरदान की तरह है। एफसीआई द्वारा एमआईएम टेस्ट से यह सुनिश्चित किया जाता है कि पुराने चावल की पुनरावृत्ति मिलरों द्वारा न की जा सके। नया मिल किया हुआ चावल ही गोदाम मे भंडारित होकर लाभार्थी की थाली तक पहुंच सके। गोदाम में हो रहे कार्यों का लाइव टेलीकास्ट एफसीआई की वेबसाइट पर नियमित तौर पर रहता है। सिक्योरिटी गार्डों के अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरा से गोदाम की निगरानी भी की जाती है। इस मौके पर भारतीय खाद्य निगम के गुण नियंत्रण अनूप कुशवाहा भी मौजूद रहे।

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