बाइकों से ज्यादा सड़कों पर ई-रिक्शा की धमाचौकड़ी

बाइकों से ज्यादा सड़कों पर ई-रिक्शा की धमाचौकड़ी

- मार्गांे पर लगता मेला, सवारियां बिठाने को लेकर होती तकरार

फोटो परिचय- जिला चिकित्सालय के गेट पर लगे ई-रिक्शा।

मो.जर्रेयाब खान अजरा न्यूज़ फतेहपुर। शहर में इन दिनों बैटरी चलित ई-रिक्शा की भरमार है। सड़कों से लेकर गलियों तक में इनकी धमाचौकड़ी से आम लोग परेशान हैं। बेरोजगारी व मंहगाई के चलते कम पढ़े लिखे लोगों के साथ ही पढ़े लिखे लोग भी ई-रिक्शा को अपना व अपने परिवार का पेट भरने के साधन के तौर पर अपना रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लोगों की जीविका का संसाधन बन चुके ई-रिक्शा आम लोगों के लिए जितने सुविधाजनक है उतने ही समस्याओं की वजह भी है। सड़कों पर चलने वाले इन ई-रिक्शा चालकों में से अधिकतर के पास न तो ड्राईविंग लाइसेंस होता है न ही इनके पास ई-रिक्शा चलाने का कोई प्रशिक्षण होता है। बाइक जैसी हैंडल वाली तीन पहियों का रिक्शा खरीदा या किसी से किराए पर लिया सीट पर बैठकर एक्सीलरेटर घुमाया और लगे सड़कों पर फर्राटा भरने। यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले इन रिक्शा चालकों में से अधिकतर के पास यातायात से जुड़े नियमों तक की कोई जानकारी नहीं होती। जिसके चलते यह रिक्शा चालक यात्री के हाथ देकर रुकने भर के इशारे करते ही बीच सड़क पर ही रिक्शा रोक देते हैं। कई बार इस तरह की हरकत करने से पीछे चलने वाले वाहनों या उस पर बैठे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। चोटहिल होने के साथ ही अस्पताल भर्ती तक की नौबत आन पड़ती है। लापरवाही की यह कोई अकेला उदाहरण नही है। बल्कि रात के अंधेरे में इन रिक्शा चालकों के द्वारा हेड लाईट का भी प्रयोग नहीं किया जाता जिससे सड़क पर विपरीत दिशा से आ रहा। वाहन एवं सड़क पर चलने वाला यात्री इनकी चपेट में आकर घायल होता रहता है।


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बड़ी तादात में होती अवैध पार्किंग

शहर में ई-रिक्शा के लिये कोई चिन्हित पार्किंग स्थान नहीं है। ऐसे में शहर में चलने वाले ई-रिक्शा सड़कों पर ही डेरा जमाए रहते हैं। सड़कों पर खड़े रहने की वजह से हर समय सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहती है। आम तौर पर ई-रिक्शा सदर अस्पताल के सामने रोडवेज बस स्टॉप, ज्वालागंज चौराहा, वर्मा चौराहा, हरिहरगंज ओवर ब्रिज के पास, देवीगंज, रेलवे स्टेशन, गाजीपुर बस स्टॉप, लखनऊ चौराहा, लोधीगंज समेत शहर के अन्य चौराहों पर हर समय झुंड देखे जा सकते है


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ई-रिक्शा की वजह से इन मार्गों पर लगता जाम

ई-रिक्शा की बड़ी तादात की वजह से रोडवेज बस स्टॉप, बाकरगंज चौराहा, सदर अस्पताल के सामने, बिंदकी बस स्टैंड, चौक चौराहा पटेल नगर, अटल चौराहा, शादीपुर क्रासिंग, देवीगंज आदि के मार्गों पर सुबह से ही जाम की स्थिति बनी रहती है जो लगभग दोपहर को कुछ कम होती है जबकि शाम को एक बार फिर से जाम की स्थिति बनने लगती है।



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मंहगाई व बेरोज़गारी अहम वजह

सड़कों पर चलने वाले ई-रिक्शा की संख्या के बारे में यदि अनुमान लगाया जाए तो यह लगभग दस से लेकर बारह हज़ार तक हो सकते है। परिवहन कार्यालय में इनमें से आधे भी पंजीकृत नही होंगे। वहीं आंकड़ो पर गौर करें तो अभी तक छोटे मोटे काम करके परिवार का गुज़ारा कर रहे लोग बढ़ती मंहगाई की वजह से इन कामों को छोड़कर ई-रिक्शा चलाने में लग गये हैं जिससे इनकी संख्या में अचानक बाढ़ आ गई




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यातायात विभाग हुआ फेल

सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या के आगे यातायात विभाग भी अपने आपको लाचार पा रहा है। यातायात विभाग के कर्मी दिन भर सड़कों पर लगने वाले जाम को नियंत्रित करने या फिर हेलमेट चेकिंग में व्यस्त देखे जा सकते हैं। ऐसे में ई रिक्शा को अलग से नियंत्रित करना विभाग के लिए टेढ़ी खीर है।

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रुट निर्धारण न होना जाम की अहम वजह

ई-रिक्शा चालकों के लिये रुट का निर्धारण न होने की वजह से जिसे जहां से सवारी मिली उसी रुट घूम गया। ऐसे में मार्गांे पर जाम की स्थिति बन जाती है और लोग जाम में फंसने को मजबूर हो जाते है।

Azra News

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