शंकर आद्या की गिरफ्तारी के समय उनके समर्थकों ने गिरफ्तारी का विरोध भी किया। इस दौरान थोड़ी धक्का-मुक्की और हंगामा भी हुआ। शंकर आद्या साल 2005 में बोनगांव नगर पालिका के पार्षद चुने गए और बाद में नगर पालिका के अध्यक्ष बने।

ईडी ने पश्चिम बंगाल के चर्चित राशन घोटाले में टीएमसी नेता और बोनगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शंकर आद्या को गिरफ्तार किया है। शंकर आद्या को बंगाल के उत्तर 24 परगना से गिरफ्तार किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईडी की एक टीम शुक्रवार को शंकर आद्या की ससुराल शिमुलतला भी पहुंची थी। शंकर आद्या की ससुराल में ईडी ने करीब 17 घंटे छापामारी की, जिसके बाद शुक्रवार देर रात टीएमसी नेता शंकर आद्या को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के समय हुई धक्का-मुक्की

शंकर आद्या की गिरफ्तारी के समय उनके समर्थकों ने गिरफ्तारी का विरोध भी किया। इस दौरान थोड़ी धक्का-मुक्की और हंगामा भी हुआ। शंकर आद्या साल 2005 में बोनगांव नगर पालिका के पार्षद चुने गए और बाद में नगर पालिका के अध्यक्ष बने। शंकर आद्या की पत्नी भी बोनगांव नगर पालिका की अध्यक्ष रह चुकी हैं। शुक्रवार की ईडी की टीमों ने टीएमसी नेताओं शंकर आद्या और शाहजहां शेख के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ये दोनों नेता पश्चिम बंगाल के पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक के करीबी बताए जाते हैं।

ईडी की टीम पर हुआ था हमला

शुक्रवार को ही ईडी की एक टीम ने उत्तर 24 परगना के संदेशखाली इलाके में टीएमसी नेता शाहजहां शेख के ठिकानों पर भी छापेमारी के लिए पहुंची थी लेकिन शाहजहां शेख के ठिकानों पर छापेमारी के लिए पहुंची ईडी की टीम पर टीएमसी समर्थकों ने हमला कर दिया। इस हमले में ईडी के अधिकारी और केंद्रीय बलों के कुछ सदस्य भी चोटिल हुए हैं। ईडी अधिकारियों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। ईडी की टीम जब शाहजहां शेख के आवास पर पहुंची तो वहां ताला लगा था। जब ईडी अधिकारियों ने घर का ताला तोड़ने की कोशिश की तो वहां मौजूद शाहजहां शेख के समर्थकों ने हंगामा कर दिया और ईडी की टीम पर पथराव कर दिया।

इसे लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि अवैध रोहिंग्या घुसपैठियों ने ईडी की टीम पर हमला किया। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने इस घटना की जांच एनआईए से कराने की मांग की है। टीएमसी नेता शंकर आद्या की गिरफ्तारी पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि 'यह होना ही था। टीएमसी के कई नेता घोटाले के आरोपी हैं और अभी कई और लोग गिरफ्तार होंगे।'

क्या है राशन घोटाला

ईडी का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में कोरोना लॉकडाउन के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कई तरह की अनियमितताएं हुईं थी और राशन वितरण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया। उस वक्त बंगाल के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक थे। ईडी ने 23 अक्तूबर 2023 को ज्योतिप्रिय मल्लिक को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से ईडी इस घोटाले से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

Azra News

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