राधानगर में राघवेंद्र द्विवेदी का ‘काला खेल’ बेनकाब ,व्यापारी की करोड़ों की अमानत हड़पी, जान से मारने की धमकी से परिवार दहशत में
राघवेंद्र द्विवेदी की दबंगई से टूट गया व्यापारी परिवार,270 ग्राम सोना और 9.5 किलो चांदी हड़पी, पीड़ित जिंदगी-मौत से जूझ रहा
ब्याज माफिया राघवेंद्र द्विवेदी पर गंभीर आरोप
फर्जी हलफनामा, धमकी और पुलिस पर ‘मैनेज’ करने के दावे से हड़कंप
आशीष सिंह चंदेल पत्रकार
अज़रा न्यूज़ फतेहपुर — जनपद फतेहपुर के राधानगर थाना क्षेत्र से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय व्यापारियों, आम नागरिकों और प्रशासन—तीनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। मामला है करोड़ों की अमानत हड़पने, धोखाधड़ी, जालसाजी और जान से मारने की धमकी का, जिसमें पीड़ित व्यापारी परिवार आज जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है, जबकि आरोपी खुलेआम दबंगई दिखा रहा है।सूत्रों के अनुसार, राधानगर नई बस्ती निवासी कल्लू प्रसाद गुप्ता, जो वर्षों से बर्तन, कपड़े व सर्राफा का कारोबार करते आ रहे हैं, ने राघवेंद्र द्विवेदी नामक ब्याज कारोबारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने उनकी दुकान का भरोसा तोड़ते हुए ग्राहकों के गिरवी रखे गए लगभग 253ग्राम सोने और 9.5 किलोग्राम चांदी को हड़प लिया।
अब सामान नहीं मिलेगा… बहुत महंगा हो गया है सोना!पीड़ित पक्ष का आरोप है कि राघवेंद्र द्विवेदी दुकान पर बैठकर ग्राहकों से सीधे लेन-देन करता था और धोखे से उनके जेवर अपने पास रख लेता था। जब ग्राहकों ने गुप्ता परिवार पर दबाव बनाया, तब सच्चाई सामने आई। इस पर आरोपी ने कथित तौर पर कहा—अब सोना-चांदी वापस नहीं करूंगा, बहुत महंगा हो गया है।इतना ही नहीं, जब पीड़ित ने अमानत लौटाने का दबाव बनाया तो आरोपी ने 25 प्रतिशत देने का लालच और सीधे जान से मारने की धमकी दी।मेरे साथ चल, सब मैनेज हो जाएगा… नहीं माना तो पहले मैं ही निपटवा दूंगा।
घर गिरवी, फर्जी हलफनामा और आत्मघाती हालत पीड़ित प्रमोद गुप्ता का कहना है कि आरोपी की प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने 31 मई 2024 को अपना घर तक गिरवी रख दिया, फिर भी समस्या खत्म नहीं हुई। इसके बाद आरोपी ने साजिशन फर्जी हलफनामा तैयार करा लिया, जिसमें झूठा दावा किया गया कि प्रमोद ने साड़ी की दुकान के लिए उससे 10 लाख रुपये नकद लिए हैं।
❗पीड़ित सवाल उठा रहा है— 10 लाख रुपये कैश कहां से आए?बिना टैक्स, बिना रिकॉर्ड इतना बड़ा लेन-देन कैसे हुआ। क्या यह सीधी-सीधी टैक्स चोरी नहीं?
पुलिस-प्रशासन पर भी सवाल ,पीड़ित का आरोप है कि उसने राधानगर थाने सहित कई अधिकारियों को लगातार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, आरोपी के गुर्गे रास्ते में रोककर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि स्थानीय चौकी इंचार्ज कभी आधार कार्ड तो कभी मोबाइल नंबर मांगकर मामले को टकसाली तरीके से उलझा रहे हैं, जबकि आरोपी के हस्ताक्षर वाली लेन-देन डायरी पहले ही स्वीकार की जा चुकी है।
🫵 अस्पताल में भर्ती, कानपुर रेफर स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि कल्लू प्रसाद गुप्ता की तबीयत गंभीर हो गई, पहले सदर अस्पताल और फिर कानपुर रीजेंसी रेफर किया गया। पीड़ित परिवार का साफ कहना है— अगर हमारे पिता को कुछ हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राघवेंद्र द्विवेदी की होगी ।
कब मिलेगा न्याय ?
अब बड़ा सवाल यह है कि_ क्या राधानगर पुलिस आरोपी पर कार्रवाई करेगी? या पीड़ित परिवार यूं ही अफसरों के चक्कर काटता रहेगा? क्या दबंग ब्याज कारोबारी कानून से ऊपर है?
न्याय की गुहार
पीड़ित ने मांग की है कि राघवेंद्र द्विवेदी के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, जालसाजी, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए , ताकि न सिर्फ पीड़ित को न्याय मिले बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों पर भी अंकुश लगे।
अब देखना यह है कि प्रशासन सोएगा या जागेगा…
