बजैहठा के उमंग ने रचा इतिहास, NMMS परीक्षा में जिले में 23 वीं रैंक
बजैहठा के उमंग ने रचा इतिहास, NMMS परीक्षा में जिले में 23 वीं रैंक
बजैहठा के उमंग ने रचा इतिहास, NMMS परीक्षा में जिले में 23 वीं रैंक
ग्रामीण प्रतिभा का कमाल: राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति में उमंग की बड़ी उपलब्धि संदीप धुरिया अजरा न्यूज़ ललपुरा/हमीरपुर— ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती, जरूरत होती है तो बस सही मार्गदर्शन और मेहनत की। इसे साबित कर दिखाया है बजैहठा गांव के मेधावी छात्र उमंग ने। राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति (NMMS) परीक्षा के घोषित परिणामों में उमंग ने जिले की मेरिट सूची में 23वां स्थान प्राप्त कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
परिणाम आते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और परिजनों ने मिठाई बांटकर उमंग की सफलता का जश्न मनाया। शिक्षकों ने भी उसे उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
उमंग के पिता मनोज पाण्डेय किसान हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। साधारण परिवार से होने के बावजूद माता-पिता ने बेटे की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। बेटे की इस सफलता पर दोनों की आंखें खुशी से नम हो उठीं।
उच्च प्राथमिक विद्यालय बजेहटा डांडा के प्रधानाध्यापक जितेंद्र कोस्टा ने बताया कि उमंग शुरू से ही कक्षा का होनहार छात्र रहा है। उसकी एकाग्रता, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया। उमंग प्रतिदिन 6 से 8 घंटे नियमित अध्ययन करता था और कठिन विषयों पर विशेष ध्यान देता था।
अपनी सफलता का श्रेय उमंग ने कठिन परिश्रम, नियमित अध्ययन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। उसने बताया कि उसका सपना डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना है।
गौरतलब है कि इस परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद उमंग को कक्षा 9 से 12 तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जिससे उसकी आगे की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग मिलेगा।
उमंग की यह उपलब्धि न केवल उसके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।