अवैध अस्पतालों में मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़ – बिना डिग्री व लाइसेंस के डॉक्टर कर रहे इलाज एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ खागा, फतेहपुर– कस्बे में इन दिनों अवैध अस्पतालों का जाल तेजी से फैलता जा रहा है। बताया जाता है कि क्षेत्र में करीब आधा दर्जन से अधिक अवैध अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जहां मरीजों से मोटी रकम वसूलने का धंधा खुलेआम चल रहा है। इन अस्पतालों में बिना डिग्री और लाइसेंस के कथित डॉक्टर इलाज कर रहे हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन अस्पतालों में कई बार गंभीर लापरवाही के कारण मरीजों की जान तक जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। आरोप है कि जिम्मेदारों की मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। क्षेत्र में संचालित कई अस्पतालों में भ्रूण हत्या जैसे गंभीर अपराध भी किए जाने की चर्चा है। हाल ही में शिवपुर मोड़ के पास रामगंगा नहर किनारे एक नवजात शिशु का शव मिलने की घटना ने इन अवैध अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया था। नवजात बच्ची का शव मिलने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं, लेकिन मामला धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चला गया। ग्रामीणों का आरोप है कि विजयीपुर पीएचसी के आसपास और धाता रोड पर करीब पांच सौ मीटर के दायरे में कई अवैध अस्पताल संचालित हो रहे हैं, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। इन अस्पतालों में पैथोलॉजी के नाम पर भी मरीजों से जमकर वसूली की जा रही है। अस्पताल संचालकों की मिलीभगत से मरीजों को अनावश्यक जांच और महंगी दवाइयां लिखी जाती हैं। वहीं पैथोलॉजी संचालकों द्वारा डॉक्टरों की सांठगांठ से मरीजों की गंभीर बीमारियों की रिपोर्ट तैयार कर दी जाती है, जिससे मरीजों से अधिक पैसा वसूला जा सके। सूत्रों से क्षेत्र में चर्चा है कि पीएचसी प्रभारी की सांठगांठ और कमीशनखोरी के चलते यह अवैध अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं। कई वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात रहने के कारण भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इस मामले में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ——————————————- पुत्र से विवाद के बाद खाया जहर, मौत – ईएमटी पर लगाया लापरवाही का आरोप एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर — खागा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम इसाकपुर में शनिवार की दोपहर पुत्र से विवाद के बाद 45 वर्षीय अधेड़ ने जहरीला पदार्थ खा लिया। जिसे उपचार के लिए सदर अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने 108 ईएमटी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुये हंगामा शुरू कर दिया। साथ ही ईएमटी व चालक से हाथापाई भी की।
जानकारी के अनुसार इसाकपुर गांव निवासी रामसुमेर का पुत्र रमेश सिंह का अपने पुत्र से किसी बात को लेकर कहा सुनी हो गयी। जिससे क्षुब्ध होकर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन 108 एम्बुलेंस द्वारा उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लाये। जहां इलाज उपरान्त चिकित्सक ने अधेड़ को मृत घोषित कर दिया। इस बाद परिजनों ने ईएमटी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुये सदर अस्पताल इमरजेन्सी में हंगामा शुरू कर दिया। यही नहीं ईएमटी व चालक से हाथापाई भी किया। परिजनों का आरोप है कि ईएमटी द्वारा गाड़ी को धीमे चला रहा था कहने पर बताया कि हम जैसे चाहेंगे वैसे गाडी चलायेंगे। वहीं ईएमटी व चालक का कहना है कि उन पर लगाये सारे आरोप बेबुनियाद है।