मंडलायुक्त का कलेक्ट्रेट में औचक निरीक्षण, अभिलेख व्यवस्था और जनशिकायत निस्तारण पर सख्त निर्देश
दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन– जनपद में मंडलायुक्त विमल कुमार दुबे ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न प्रशासनिक पटलों का औचक निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, जनशिकायतों के पारदर्शी निस्तारण और ई-ऑफिस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने भूलेख, संग्रह, नजारत, शस्त्र अनुभाग, अभिलेखागार, माल फौजदारी अनुभाग और आपदा नियंत्रण कक्ष सहित कई कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान अभिलेखों के रख-रखाव, पत्रावलियों की स्थिति और लंबित प्रकरणों की प्रगति की बारीकी से जांच की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

नजारत अनुभाग में रजिस्टर संख्या-4 में दर्ज बकाया धनराशि के शीघ्र निस्तारण तथा अग्रिम धनराशि का समय से समायोजन करने के निर्देश दिए गए। वहीं शस्त्र अनुभाग में निरीक्षण के दौरान उन्होंने ऐसे सभी लाइसेंस धारकों की सूची तैयार करने को कहा, जिन्होंने समयावधि में अपने शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही शस्त्रागार भवन की मरम्मत कराने को भी कहा गया।
निरीक्षण में कुछ कर्मचारियों की पासबुक में फोटो चस्पा न पाए जाने पर मंडलायुक्त ने तत्काल फोटो लगाने के निर्देश दिए। आतिशबाजी लाइसेंसों के नवीनीकरण को कैलेंडर आधारित प्रणाली से संचालित करने और समय पर नवीनीकरण न कराने वालों को नोटिस देने के निर्देश भी दिए गए।

भूलेख अनुभाग में लेखपाल और चैनमैन से जुड़े तीन प्रकरण लंबित मिलने पर उन्हें एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करने को कहा गया। न्यायालय के निरीक्षण के दौरान एक से तीन वर्ष पुराने वादों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
अभिलेखागार में परगना-वार बोर्ड लगाए जाने पर मंडलायुक्त ने संतोष जताते हुए इसे मंडल के अन्य जनपदों में भी लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही बंदोबस्त नक्शे की पक्की नकल समय से उपलब्ध कराने और न्यायालयों द्वारा मांगी गई पत्रावलियां समय पर भेजने के निर्देश दिए।
जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि शिकायतों को बिना जांच “स्पेशल क्लोज” न किया जाए, बल्कि गुण-दोष के आधार पर पारदर्शी ढंग से निस्तारित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जो विभाग ई-ऑफिस प्रणाली से कार्य नहीं कर रहे हैं, ऐसे विभागाध्यक्षों का वेतन आहरित न किया जाए और सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की जाए।
आपदा नियंत्रण कक्ष के निरीक्षण के दौरान 1070 हेल्पलाइन से मिलने वाली सूचनाओं और 1076 से प्राप्त आवेदनों को ई-ऑफिस से मैप कर संबंधित तहसीलों को भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही आपदा नियंत्रण कक्ष के कर्मचारियों को समय-समय पर प्रशिक्षण देने को भी कहा गया।
निरीक्षण के अंत में मंडलायुक्त ने कलेक्ट्रेट परिसर की स्वच्छता व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया।
इस मौके पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक योगेंद्र यादव, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।