बिहार और बंगाल के मुस्लिम बाहुल हिस्सों को काटकर केंद्र शासित राज्य बनाना चाहती है सरकार- शाहनवाज़
बिहार और बंगाल के मुस्लिम बाहुल हिस्सों को काटकर केंद्र शासित राज्य बनाना चाहती है सरकार- शाहनवाज़
बिहार और बंगाल के मुस्लिम बाहुल हिस्सों को काटकर केंद्र शासित राज्य बनाना चाहती है सरकार- शाहनवाज़ आलम
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ लखनऊ — 8 मार्च 2026. नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने और आरएन रवि को बंगाल का राज्यपाल बनाये जाने को एक बड़ी साज़िश का हिस्सा होने से इनकार नहीं किया जा सकता. जिसका मकसद बिहार और बंगाल के कुछ हिस्सों को काटकर केंद्र शासित राज्य बनाना हो सकता है.
ये बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम ने साप्ताहिक स्पीक अप कार्यक्रम की 237 वीं कड़ी में कहीं.
शाहनवाज़ आलम ने कहा कि आरएसएस और भाजपा शुरू से ही बिहार के मुस्लिम बहुल इलाक़े सीमांचल को राजनीतिक तौर पर कमज़ोर करने के लिए इसे बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाक़ों के साथ मिलाकर एक अलग केंद्र शासित राज्य बनाने का गुप्त एजेंडा रखता रहा है. इसके तहत वो बिहार के पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार तथा बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर और माल्दा को बिहार और बंगाल से काटकर कूच विहार के नाम से केंद्र शासित राज्य बना देना चाहता है. क्योंकि उसे डेमोग्राफिक कारणों से इन इलाक़ों में चुनावी सफलता नहीं मिल पाती.
उन्होंने कहा कि यहाँ यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि नीतीश कुमार जी को मुख्यमंत्री पद से हटाकर राज्यसभा भेजे जाने से एक हफ़्ते पहले ही गृहमंत्री अमित शाह ने सीमांचल का दौरा किया था जहाँ वो अप्रत्याशित तौर पर 3 दिनों तक रुके थे.
शाहनवाज़ आलम ने कहा कि इसी उद्देश्य से सरकार ने तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि को बंगाल भी लाया गया है. क्योंकि आर एन रवि संघीय ढांचे के संवैधानिक भावना के विपरीत केंद्र सरकार के राजनीतिक एजेंडे पर काम करने के लिए बदनाम रहे हैं. यहाँ यह नहीं भूला जा सकता कि तमिलनाडु के सांसदों ने संसद में उन्हें हटाने का प्रस्ताव लाया था. इसके साथ ही तमिलनाडु सरकार को इनके असंवैधानिक आचरण के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट भी जाना पड़ा था. क्योंकि ये राज्य सरकार द्वारा पास विधेयकों पर हस्ताक्षर ही नहीं करते थे.