डीएम ने ‘सेंट्रल पीवोट इरिगेशन सिस्टम’ का किया निरीक्षण, अधिकारियों को लगाई फटकार
डीएम ने ‘सेंट्रल पीवोट इरिगेशन सिस्टम’ का किया निरीक्षण, अधिकारियों को लगाई फटकार
खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा: डीएम ने ‘सेंट्रल पीवोट इरिगेशन सिस्टम’ का किया निरीक्षण, अधिकारियों को लगाई फटकार
जालौन (रंगोली) | विशेष संवाददाता दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन जनपद में कृषि सुधार और जल संरक्षण की दिशा में प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सोमवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने ग्राम रंगोली का औचक निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने अत्याधुनिक सेंट्रल पीवोट इरिगेशन सिस्टम (Central Pivot Irrigation System) की कार्यप्रणाली देखी और सिंचाई व्यवस्था का स्थलीय जायजा लिया।
तालाब में कम पानी देख भड़के जिलाधिकारी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि आधुनिक सिंचाई प्रणाली के लिए मुख्य स्रोत के रूप में इस्तेमाल हो रहे तालाब में जलस्तर काफी कम है। इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चूंकि नहरों का संचालन शुरू हो चुका है, इसलिए बिना किसी देरी के नहर के माध्यम से तालाब को लबालब भरना सुनिश्चित किया जाए ताकि किसानों की सिंचाई में कोई बाधा न आए।
आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी पैदावार
डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि सेंट्रल पीवोट इरिगेशन सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकें कृषि क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती हैं। उन्होंने इसके लाभ गिनाते हुए बताया कि:
जल संरक्षण: इस प्रणाली से कम पानी में बड़े क्षेत्रफल की प्रभावी सिंचाई संभव है।
लागत में कमी: परंपरागत सिंचाई के मुकाबले इसमें पानी की बर्बादी कम होती है, जिससे किसानों की लागत घटती है।
गुणवत्ता: फसलों को समान मात्रा में पानी मिलने से उनकी गुणवत्ता और पैदावार में सुधार होता है।
किसानों को जागरूक करने के निर्देश
जिलाधिकारी ने कृषि और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में ऐसी आधुनिक तकनीकों का दायरा बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को इन प्रणालियों के प्रति जागरूक किया जाए ताकि वे जल संचयन के साथ अपनी आय बढ़ा सकें। उन्होंने सख्त लहजे में दोहराया कि किसानों को समय पर पानी और सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।