दो शेल्टर होम और वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की खुली पोल

    दो शेल्टर होम और वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की खुली पोल

वृद्धाश्रम में 122 संवासी मिले, आश्रय गृह में टूटी खिड़कियां और नाली मिली; वन स्टॉप सेंटर में सफाई और फॉगिंग के निर्देश

संवाददाता दीपक धुरिया जालौन उरई– माननीय उच्च न्यायालय तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार को न्यायिक अधिकारियों ने जिले में संचालित आश्रय स्थलों और वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने यहां रहने वाले आश्रितों की सुविधाओं के साथ-साथ भोजन, स्वास्थ्य, चिकित्सा, स्वच्छता, सुरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं की गहनता से पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर करने के लिए संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सबसे पहले न्यायिक अधिकारियों की टीम ने राठ रोड स्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया। समाज कल्याण विभाग द्वारा स्वैच्छिक संस्था शिवा ग्रामोत्थान सेवा संस्था के सहयोग से संचालित इस वृद्धाश्रम में निरीक्षण के समय 122 संवासी उपस्थित मिले। आश्रय गृह के हॉल में पहुंचने पर कई वृद्धजन श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करते मिले।

उपस्थिति पंजिका की जांच में रात्रिकालीन कर्मचारियों और स्टाफ नर्स अर्चना को छोड़कर अन्य सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। स्टाफ नर्स के संबंध में प्रबंधक ने बताया कि वह संवासियों के उपचार के लिए जिला अस्पताल गई हैं।

न्यायिक अधिकारियों ने वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों से बातचीत कर यह भी जाना कि उन्हें चाय-नाश्ता तथा सुबह-शाम का भोजन समय से मिल रहा है या नहीं। संवासियों ने बताया कि उन्हें निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके बाद मेडिकल डिस्पेंसरी का निरीक्षण कर प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सा के लिए उपलब्ध दवाओं की जानकारी ली गई। किसी भी संवासी ने निरीक्षण के दौरान कोई समस्या नहीं बताई।

आश्रय गृह में टूटी खिड़कियां और नाली मिली

इसके बाद टीम ने मुहल्ला लहरियापुरवा स्थित आश्रय गृह (शेल्टर होम) का निरीक्षण किया। यह आश्रय गृह नगर पालिका परिषद उरई के सहयोग से लखनऊ की एक एनजीओ द्वारा संचालित किया जा रहा है। निरीक्षण के समय प्रबंधक मौजूद नहीं थीं। चौकीदार ने बताया कि वह अपनी बेटी के इलाज के लिए अस्पताल गई हैं।

आश्रित पंजिका की जांच में निरीक्षण की तिथि पर कोई भी आश्रित पंजीकृत नहीं मिला। शेल्टर होम के कमरों का निरीक्षण करने पर कई खिड़कियां टूटी हुई मिलीं। इससे जहरीले कीटों के अंदर प्रवेश करने की आशंका बनी हुई है। वहीं शेल्टर होम के अंदर बनी नाली भी टूटी मिली। इस पर संबंधित विभाग से पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई कराने के निर्देश दिए गए।

वन स्टॉप सेंटर में भी व्यवस्थाओं की जांच

इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती मनाली चन्द्रा ने कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सेंटर मैनेजर अंजना यादव, मनो-परामर्शदाता रागिनी, स्टाफ नर्स शारदा पाल सहित ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारी उपस्थित मिले।

सचिव ने महिलाओं और किशोरी बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसमें परामर्श, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, पुलिस रिपोर्टिंग और रेस्क्यू जैसी सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली गई।

निरीक्षण के समय सेंटर पर कोई पीड़िता मौजूद नहीं मिली। पीड़िताओं की सुरक्षा और पुनर्स्थापन को लेकर प्रबंधक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं एक पीड़िता को अदालत में पेशी के लिए विवेचक के साथ भेजा जा रहा था।

सखी वन स्टॉप सेंटर प्रशासन को सभी कमरों की प्रतिदिन सफाई, नियमित सैनिटाइजेशन, कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग कराने के निर्देश दिए गए।

यह न्यायिक समिति रही मौजूद

आश्रय स्थलों के निरीक्षण के लिए गठित अनुश्रवण समिति में अपर जिला जज प्रथम श्री सतीश चन्द्र द्विवेदी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अभिषेक खरे और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती मनाली चन्द्रा शामिल रहीं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक शुभम् शुक्ला भी उपस्थित रहे।

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