सर सैय्यद डे पर पुरातन छात्रों ने बयां किए अनुभव

     सर सैय्यद डे पर पुरातन छात्रों ने बयां किए अनुभव

ब्यूरो सुरेंद्र धुरिया अज़रा न्यूज़ बांदा– मशहूर शिक्षाविद और शिक्षा क्षेत्र में विश्वस्तरीय पहचान बना चुके अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के संस्थापक सर सैय्यद अहमद खाँ की 81 वीं जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। यूनिवर्सिटी के पुरातन छात्र-छात्राओं (ओल्ड ब्वायज) ने कहा कि एएमयू आज भी उनकी रुह में बसा हुआ है।

शहर के एचएम सिद्दीक मेमोरियल इंटर कालेज में सर सय्यद के जन्म दिन 17 अक्टूबर की देर शाम आयोजित समारोह में एएमयू की मेधावी छात्रा रहीं जीजीआईसी बाँदा में शिक्षिका डा. महजबी खान ने यूनिवर्सिटी में बिताए दिनों को भावुक शब्दों में बयां करते हुए कहा कि एएमयू आज भी रूह (आत्मा) में बसा हुआ है। पुरातनछात्र और वर्तमान में पेशे से चिकित्सक और डा. मगफूर और डा. मस्जूद ने कहा कि एएमयू सिर्फ तालीम का केन्द्र नहीं बल्कि सर सय्यद की सोंच का नमूना है। डा. शबाना रफीक ने अलीगढ़ से अपने जुड़ाव का जिक्र किया। प्रवक्ता डा. सबीहा रहमानी ने सर सैय्यद को विश्व का मार्ग दर्शक बताया। नवनियुक्त पीसीएस अफसर मो. तौसीफ ने युवाओं को शिक्षा पर ध्यान लगाने को कहा। जीआईसी की उर्दू शिक्षक पुष्पा राजन ने कविता और शायरी से अपने भाव व्यक्त किए। डीसीडीएफ पूर्व अध्यक्ष लाखन सिंह ने कहा सर सैय्यद को मिर्जा गालिब ने प्रेरणा दी। डा. मो. रफीक ने सर सैय्यद को एक सोंच का प्रतीक बताया। हथौरा मदरसा के मौलाना शकील अहमद ने तिलावत के बाद संबोधित किया। डा. रफीक ने डा. महजबीं को सम्मानित किया।

शायर डा. खालिद इजहार ने नात और नज्म पेश की। फखरे आलम और बशीर तालिब ने शायरी से सर सैय्यद को खिराज अकीदत पेश की। डा. शेख सादी जमा ने एएमयू से अपने पूर्वजों के रिश्ते और योगदान का जिक्र किया। मुफ्ती मौलाना नजीब अहमद (हथौरा), सैय्यद मुन्ने मगरबी, हाजी गुलाम मुस्तफा, मो. इदरीस, शब्बीर अली बबलू, मो. शाकिर, मुशीर अहमद, मुजीब अहमद, पूर्व एओ सईद अहमद, इमरान अली राजू, मो. असलम, एचएमएस स्कूल के मुसाब अहमद, मो. अनवर, खुर्शीद, इरफान आदि रहे। संचालन शिक्षक मुख्तार अहमद व शायर नजरे आलम ने किया। अब्दुल रशीद सिद्दीकी हमजा ने सभी का आभार जताया।

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