पंद्रह साल बाद तीन बच्चों संग महिला ने की घर वापसी
पंद्रह साल बाद तीन बच्चों संग महिला ने की घर वापसी
पंद्रह साल बाद तीन बच्चों संग महिला ने की घर वापसी – धर्म परिवर्तन व उत्पीड़न के लगाए आरोप – पति की दूसरी शादी से आहत महिला ने अपनाया हिंदू धर्म
फोटो परिचय- महिला की घर वापसी करवाते विहिप व बजरंग दल के पदाधिकारी। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। जिले के जहानाबाद थाना क्षेत्र के कोड़ा गांव की रहने वाली एक महिला के करीब पंद्रह साल बाद अपने तीन बच्चों के साथ घर वापसी करने का मामला सामने आया है। महिला ने मुस्लिम युवक नसीम पर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने, धर्म परिवर्तन कराने व उत्पीड़न करने के आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि पति की दूसरी शादी और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर उसने अपने बच्चों के साथ हिंदू धर्म में लौटने का फैसला किया। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की ओर से गायत्री मंदिर में विधि-विधान के साथ घर वापसी की प्रक्रिया कराई गई।
महिला के मुताबिक करीब पंद्रह साल पहले वह अपने गांव से मुस्लिम युवक नसीम के साथ चली गई थी। इसके बाद उसका धर्म परिवर्तन कराया गया। महिला ने आरोप लगाया कि उसे जबरन मांस खिलाया गया और हिंदू धर्म के बारे में गलत बातें बताकर उसका मानसिक रूप से मतांतरण कराने का प्रयास किया गया। महिला का यह भी आरोप है कि समय बीतने के साथ उसके साथ उत्पीड़न किया जाने लगा। पति की दूसरी शादी के बाद उसकी परेशानियां और बढ़ गईं, जिसके चलते उसने अपने तीन बच्चों के साथ वापस अपने मूल धर्म में लौटने का निर्णय लिया। महिला की घर वापसी के दौरान उसके और बच्चों के नाम भी बदले गए। सिमरन का नाम बदलकर स्मिता, अरशद अली का कार्तिक, कैतरीन का अवनी और मुरशिद का यश रखा गया।
गायत्री मंदिर में आयोजित प्रक्रिया विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की ओर से संपन्न कराई गई। इस दौरान संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र पाण्डेय ने मामले को लेकर अपना पक्ष रखा। वहीं महिला स्मिता ने भी अपने साथ हुई कथित घटनाओं और घर वापसी के फैसले के संबंध में अपनी बात रखी।