नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। दोनों देशों के बीच संभावित समझौते का रास्ता तलाशने के लिए कतर की राजधानी दोहा में लगातार तीसरे दिन बातचीत जारी रही। यह वार्ता तीन नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले हो रही है। क्षेत्र में दोबारा सैन्य टकराव बढ़ने की आशंकाओं के बीच कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
रविवार को ईरानी वार्ताकारों ने कतर के मध्यस्थों के साथ बातचीत जारी रखी। इससे पहले शुक्रवार को कतर का प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा था, जहां ईरानी अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा हुई थी। इसके बाद वार्ता को दोहा में आगे बढ़ाया गया। इन प्रयासों के संबंध में वाशिंगटन के साथ भी नियमित संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
ट्रंप ने चुनाव से पहले हमले की संभावना से किया इनकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका चुनाव से पहले ईरान पर कोई नया हमला नहीं करेगा। उन्होंने तेहरान के साथ बातचीत को सकारात्मक बताया है, हालांकि चुनाव के बाद सैन्य कार्रवाई की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी ईरान पर नए हमले को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देना चाहता है और दोनों देशों के बीच संपर्क जारी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के प्रस्ताव पर चर्चा
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि कतर के मध्यस्थों के साथ बातचीत आगे बढ़ रही है। उनके अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़े प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। संभावित समझौते के बाद इसे दो दिनों के भीतर खोलने की योजना पर चर्चा हुई है, हालांकि अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
ईरान ने इस संबंध में अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत, जब्त की गई धनराशि जारी करने और ईरानी तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों में छूट जैसी मांगें रखी हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती कम करने की मांग भी शामिल है।
हमले की स्थिति में जवाब देने की तैयारी
ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई ने कहा है कि किसी नए हमले की स्थिति में उनका देश जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की चेतावनी भी दी है।
वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने शनिवार को सशस्त्र बलों को किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। इसके बाद ईरानी सेना ने भी अपनी सैन्य तैयारियां मजबूत करने की बात कही है।
तेहरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि उस पर हमला होने की स्थिति में वह पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बना सकता है।
कूटनीति और सैन्य तनाव के बीच संतुलन की कोशिश
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत ऐसे समय हो रही है, जब क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय बढ़ने की आशंका बनी हुई है। एक ओर कतर के माध्यम से समझौते की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर दोनों पक्ष संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अपनी तैयारियां भी बनाए हुए हैं।
फिलहाल दोहा में जारी वार्ता से किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई है। दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के प्रस्ताव पर होने वाली सहमति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
