राम मंदिर ट्रस्ट के दान में कथित अनियमितताओं का मामला आज सुप्रीम कोर्ट में, जांच की निगरानी की मांग

नई दिल्ली। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे और दान की रकम के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार, 2 नवंबर को कई याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में पूरे मामले की अदालत की निगरानी में जांच कराने और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की मांग की गई है।

सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक कॉज लिस्ट के अनुसार, मामलों की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ करेगी। इसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल हैं।

इस मामले में अधिवक्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी, याचिकाकर्ता अजय कुमार राय, राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह और हिंदू धर्म परिषद की ओर से याचिकाएं दाखिल की गई हैं।

एसआईटी की जांच में सामने आए 105 मामले

इससे पहले 21 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी पड़ताल काफी हद तक पूरी कर ली है और आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के दान की गिनती वाले कक्ष की सीसीटीवी फुटेज की जांच में नकदी को कथित तौर पर अनधिकृत रूप से निकालने या छिपाने की 105 घटनाएं सामने आई थीं। रिपोर्ट में दान में प्राप्त कीमती वस्तुओं की रसीद तैयार करने और उन्हें भारतीय स्टेट बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया है।

जांच में फॉरेंसिक ऑडिटर भी शामिल

सुप्रीम कोर्ट ने पहले उत्तर प्रदेश सरकार को एसआईटी का पुनर्गठन कर निष्पक्ष, तेज और गुणवत्तापूर्ण जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद गठित टीम की अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. कर रहे हैं। टीम में अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं।

मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जांच में फॉरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल करने पर जोर दिया था।

याचिकाओं में दान से संबंधित अभिलेखों को सुरक्षित रखने, चढ़ावे के हिसाब-किताब में पारदर्शिता लाने और ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का व्यापक फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की गई है। आज की सुनवाई में इन मांगों पर अदालत के रुख पर नजर रहेगी।

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