बिट्स पिलानी का बड़ा फैसला: 2027 से प्रवेश परीक्षा के टॉप 1000 छात्रों की माफ होगी पूरी ट्यूशन फीस

नई दिल्ली। उच्च शिक्षा प्राप्त करने की इच्छा रखने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए बिरला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (BITS) पिलानी ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। संस्थान वर्ष 2027 से अपनी प्रवेश परीक्षा में शीर्ष 1,000 रैंक हासिल करने वाले पात्र विद्यार्थियों को चार वर्षों तक शत-प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट देगा।

संस्थान के समूह कुलपति वी. रामगोपाल राव ने बताया कि इस योजना का लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा जिनके परिवार की वार्षिक आय 20 लाख रुपये तक है। छात्रवृत्ति जारी रखने के लिए विद्यार्थियों को अपने पाठ्यक्रम के दौरान न्यूनतम 7.5 सीजीपीए बनाए रखना अनिवार्य होगा।

प्रवेश के साथ ही मिलेगी छात्रवृत्ति

इस योजना की खास बात यह है कि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए संस्थान में दाखिला लेने के बाद अलग से आवेदन नहीं करना होगा। छात्रवृत्ति का प्रावधान प्रवेश प्रस्ताव में ही शामिल रहेगा।

BITS पिलानी के परिसरों में बीई, एमएससी और बीफार्मा जैसे एकीकृत प्रथम डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा बिट्स एडमिशन टेस्ट (BITSAT) आयोजित की जाती है।

पहले 500 छात्रों तक सीमित थी योजना

संस्थान ने वर्ष 2026 में प्रवेश परीक्षा के शीर्ष 500 रैंक हासिल करने वाले पात्र विद्यार्थियों के लिए इसी तरह की छात्रवृत्ति योजना शुरू की थी। समूह कुलपति के अनुसार, वर्ष 2026 में इस योजना के पात्र शीर्ष 500 विद्यार्थियों के संस्थान में प्रवेश लेने की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

उन्होंने बताया कि शीर्ष 500 में स्थान पाने के लिए आवश्यक परीक्षा स्कोर भी 314 से बढ़कर 324 हो गया। अब योजना का दायरा बढ़ाकर शीर्ष 1,000 विद्यार्थियों तक किया जा रहा है।

190 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता

संस्थान ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान अपने प्रथम डिग्री, उच्च डिग्री और पीएचडी कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, फीस में छूट और फेलोशिप के रूप में लगभग 190 करोड़ रुपये की सहायता दी।

इसमें से करीब 101 करोड़ रुपये प्रथम डिग्री यानी स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को मेरिट, मेरिट-कम-नीड और अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत दिए गए। संस्थान के अनुसार, उसके परिसरों में प्रत्येक चार में से एक विद्यार्थी को किसी न किसी रूप में आर्थिक सहायता मिली।

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