बीजिंग/वाशिंगटन: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वैश्विक राजनीति को लेकर एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि पश्चिम एशिया को किसी भी सूरत में बड़ी ताकतों की खींचतान या शक्ति प्रदर्शन का अखाड़ा नहीं बनने देना चाहिए। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हालिया बातचीत और कूटनीतिक संदेशों के दौरान बीजिंग ने मध्य पूर्व के हालातों पर अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
चीनी नेतृत्व का मानना है कि इस संवेदनशील क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कूटनीतिक और शांतिपूर्ण प्रयासों को प्राथमिकता देनी चाहिए। बीजिंग ने इस बात पर जोर दिया है कि बाहरी ताकतों के अत्यधिक हस्तक्षेप से पश्चिम एशिया में तनाव घटने के बजाय और अधिक बढ़ सकता है, जिससे वैश्विक शांति के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक मंचों पर पश्चिम एशिया को लेकर हो रही यह बयानबाजी आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। इस दिशा में दोनों देशों के बीच आगे के घटनाक्रमों पर वैश्विक राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर बनी हुई है।
पश्चिम एशिया महाशक्तियों का अखाड़ा नहीं बनना चाहिए: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप को दिया स्पष्ट संदेश
