सब-रजिस्ट्रार कार्यालय कलेक्ट्रेट में स्थापित करने फिर उठी मांग
सब-रजिस्ट्रार कार्यालय कलेक्ट्रेट में स्थापित करने फिर उठी मांग
सब-रजिस्ट्रार कार्यालय कलेक्ट्रेट में स्थापित करने फिर उठी मांग
– व्यवस्था परिवर्तन अधिवक्ता संगठन ने सीएम को भेजा मांग पत्र
फोटो परिचय- कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देते व्यवस्था परिवर्तन अधिवक्ता संगठन के पदाधिकारी। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। व्यवस्था परिवर्तन अधिवक्ता संगठन ने कलेक्ट्रेट पर धरना दिया तत्पश्चात मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से मांग पत्र भेजकर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित करने, राजस्व विभाग में कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने, अधिवक्ताओं को एक करोड़ रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा बीमा उपलब्ध कराने व अधिवक्ता कल्याण निधि की सहायता राशि पांच लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की मांग उठाई गई है।
बुधवार को व्यवस्था परिवर्तन अधिवक्ता संगठन के अध्यक्ष श्रीराम पटेल एडवोकेट की अगुवई में पदाधिकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना दिया। धरने के पश्चात सीएम को भेजे गए ज्ञापन में कहा कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को पुरानी तहसील से कलेक्ट्रेट परिसर में स्थानांतरित करने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया गया। प्रशासन की ओर से पहले महापुर में कार्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया था, जो शहर से लगभग पांच किलोमीटर दूर है। विरोध के बाद अब उत्तरी जीटी रोड बाईपास पर कार्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव सामने आया है। संगठन का कहना है कि प्रस्तावित स्थल शहर से दूर होने के साथ सुरक्षा की दृष्टि से भी उपयुक्त नहीं है। इससे अधिवक्ताओं और पंजीयन कराने आने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। इसलिए बाईपास का प्रस्ताव निरस्त कर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय को कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित किया जाए। संगठन ने राजस्व विभाग में कथित भ्रष्टाचार पर चिंता जताई। मांग किया कि राजस्व संबंधी कार्यों के निस्तारण की समयसीमा निर्धारित की जाए, निर्धारित अवधि में रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार से अधिवक्ताओं के लिए एक करोड़ रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा बीमा उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही संगठन ने उत्तर प्रदेश कल्याणकारी न्यासी समिति लखनऊ के माध्यम से अधिवक्ताओं के वकालतनामे के साथ कूपन के जरिए जमा होने वाली धनराशि के तहत सेवानिवृत्ति अथवा मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली पांच लाख रुपये की सहायता राशि को बढ़ाकर कम से कम 20 लाख रुपये करने की मांग की है। इस मौके पर संरक्षक वसीम अंसारी एडवोकेट, सै0 वजाहत हुसैन एडवोकेट, मोईन अहमद एडवोकेट, नरोत्तम सिंह एडवोकेट, प्रदीप कुमार एडवोकेट, पुष्पेन्द्र यादव एडवोकेट, उपेन्द्र कुमार, मायाराम गौतम एडवोकेट, बलराम यादव एडवोकेट, नुजूल अख्तर एडवोकेट, अशोक कुमार पटेल एडवोकेट, मो0 जुऐफ एडवोकेट आदि मौजूद रहे।