प्रजनन काल में भी यमुना नदी में हो रहा अवैध मत्स्य आखेट

     प्रजनन काल में भी यमुना नदी में हो रहा अवैध मत्स्य आखेट
– शासनादेश व डीएम के आदेशों की उड़ रहीं धज्जियां
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज खागा, फतेहपुर। शासन द्वारा मत्स्य प्रजनन काल के दौरान यमुना नदी समेत सभी प्राकृतिक जलाशयों में मत्स्य आखेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद खागा तहसील के किशनपुर थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध मत्स्य आखेट किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि सैकड़ों मछुआरे नावों के जरिए दिन-रात यमुना नदी में जाल डालकर मछलियों का शिकार कर रहे हैं, जबकि संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

जानकारी के अनुसार किशनपुर, असहट, गुरुवल, गढ़ीवा, मड़ौली घाट समेत यमुना नदी के कई स्थानों पर प्रतिबंधित अवधि में खुलेआम मत्स्य आखेट किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों के मुताबिक दादों यमुना पुल के आसपास प्रतिदिन करीब 20 से 25 नावें खड़ी रहती हैं। आरोप है कि तड़के सुबह करीब तीन बजे से सात बजे तक बड़े पैमाने पर जाल डालकर मछलियों का शिकार किया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिलसिला लंबे समय से जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि मत्स्य प्रजनन काल में इस प्रकार हो रहे आखेट से बड़ी संख्या में मछलियों के अंडे और छोटे बच्चे नष्ट हो रहे हैं। इससे यमुना की जलीय जैव विविधता तथा मत्स्य संसाधनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। साथ ही अवैध मत्स्य आखेट के चलते सरकार को मिलने वाले राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार महावतपुर और असहट गांव की ओर से प्रतिदिन सुबह एक-दो पिकअप वाहन बड़ी मात्रा में मछलियां लेकर विभिन्न बाजारों की ओर जाते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि मछलियों के इस अवैध कारोबार की गतिविधियां कथित रूप से खुलेआम संचालित हो रही हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों में मत्स्य विभाग, राजस्व विभाग और तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि प्रतिबंधित अवधि में मत्स्य आखेट जारी रहा तो यमुना नदी में मछलियों के प्रजनन और उनकी संख्या पर गंभीर असर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर प्रतिबंधित अवधि में हो रहे अवैध मत्स्य आखेट पर तत्काल रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। एसडीएम अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। संबंधित अधिकारियों को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इस तरह के मामलों में कई कार्रवाई की जा चुकी हैं। आगे भी सूचना प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी।

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