नई दिल्ली। ब्राह्मण महिलाओं और मंदिरों के पुजारियों को लेकर दिए गए बयान के मामले में अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने बुधवार को उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियों से अलग-अलग समुदायों के बीच तनाव और आपसी वैमनस्य बढ़ने की आशंका है।
बीएनएस की धारा 196 के तहत शिकायत
अमिता सचदेवा ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 के तहत पुलिस को शिकायत सौंपी है। उनके मुताबिक, पुलिस ने मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श करने और उचित कदम उठाने का भरोसा दिया है।
अधिवक्ता ने कहा कि यदि कुछ दिनों के भीतर पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होती है तो वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क करेंगी। इसके बाद भी समाधान नहीं मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी।
पुराने वीडियो से शुरू हुआ विवाद
नेहा बोरा से जुड़ा यह विवाद दो नवंबर को सामने आए उनके एक पुराने वीडियो के बाद शुरू हुआ। वीडियो में उन्होंने ब्राह्मण महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि मंदिरों के भीतर पुजारियों द्वारा महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं होती हैं। अपनी बात रखते हुए उन्होंने उन्नाव और कठुआ की घटनाओं का भी उल्लेख किया था।
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री ने जताई आपत्ति
वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया और नेहा बोरा के साथ कांग्रेस की भी आलोचना की।
वहीं, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी नेहा बोरा की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि समाज में आज भी जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को ऐसे उदाहरणों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करें, न कि लोगों के बीच विभाजन पैदा करें।
