सरकारी जमीन पर पीएम आवास, गलत नाप से वैध-अवैध का खेल

       सीएम के आदेश की अवहेलना, राजस्व तंत्र पर संरक्षण के आरोप
सरकारी जमीन पर पीएम आवास, गलत नाप से वैध-अवैध का खेल
फोटो परिचय-  पीड़ित जयचन्द्र निषाद।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। विजईपुर विकास खंड अंतर्गत कछरा गांव में सरकारी व सहकारी भूमि पर बने पीएम आवास का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पीड़ित जयचन्द निषाद ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दिये गये आदेश के बावजूद राजस्व विभाग ने न तो निष्पक्ष जांच की और न ही अवैध निर्माण पर कोई ठोस कार्रवाई की।
पीड़ित के अनुसार संदर्भ संख्या 12172250220305 पर मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश जारी हुए थे, जिसके क्रम में 02 दिसंबर को अधिकारियों को मौके पर पहुंचना था, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ। तीन दिसंबर को पीड़ित द्वारा स्वयं अधिकारियों के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद नौ दिसंबर को मौके पर जांच की तिथि तय की गई। हालांकि आरोप है कि लेखपाल शिव सिंह और राजस्व निरीक्षक खान आठ दिसंबर को ही गांव पहुंच गए और बिना पूर्व सूचना दबाव बनाकर कार्यवाही का प्रयास किया। ग्रामीणों ने जब नक्शा और अभिलेखों के अनुसार गाटा संख्या 619 की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, तो दोनों अधिकारी बिना जांच पूरी किए मौके से चले गए। आरोप है कि अधिकारियों ने मौके पर यह कहते हुए जांच से किनारा कर लिया कि यहां कोई निर्माण नहीं है, जमीन खाली है, जबकि अभिलेखों में स्थिति अलग दर्शाई जा रही है। इससे प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान पति वीरभान सिंह द्वारा उसे धमकाया गया और आरटीआई व आईजीआरएस शिकायतों को लेकर दबाव बनाया गया। थाना दिवस में भी लेखपाल और कानूनगो की अनुपस्थिति को लेकर पीड़ित ने सवाल उठाए हैं। जयचन्द निषाद का कहना है कि फरवरी 2022 से लगातार राजस्व विभाग द्वारा गलत नाप कर सरकारी भूमि को अवैध कब्जेदारों के पक्ष में दिखाया जा रहा है। वैध भूमि को अवैध और अवैध को वैध दर्शाकर संरक्षण दिया जा रहा है। मामले ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब देखना होगा कि शासन इस प्रकरण में दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई करता है, या यह मामला भी कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाएगा।

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