दबंगों पर सहन की जमीन व तालाब पर जबरन निर्माण कराने का आरोप
दबंगों पर सहन की जमीन व तालाब पर जबरन निर्माण कराने का आरोप
न्याय के लिए छोड़ी नौकरी, नौ साल से भटक रहा बुजुर्ग
– दबंगों पर सहन की जमीन व तालाब पर जबरन निर्माण कराने का आरोप
– डीएम, एसपी से लेकर सीएम तक लगा चुका गुहार, सिविल कोर्ट में भी चल रहा मुकदमा
फोटो परिचय- पीड़ित रामचन्द्र सिंह। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। हथगाम थाना क्षेत्र के पलिया बुजुर्ग गांव निवासी 60 वर्षीय रामचन्द्र सिंह पुत्र स्व. वासुदेव सिंह पिछले करीब नौ वर्षों से जमीन संबंधी विवाद को लेकर न्याय के लिए अधिकारियों की चौखट पर भटक रहे हैं। पीड़ित ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक व मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय दिलाए जाने की गुहार लगाई है।
रामचन्द्र सिंह ने बताया कि वह अपनी पत्नी रीना सिंह के साथ गांव में रहते हैं। उनके तीन पुत्र हैं, जिनमें एक इंजीनियर, दूसरा सेना में तथा तीसरा आईटी प्रोसेस मैनेजर के पद पर कार्यरत है और नौकरी के कारण बाहर रहते हैं। पीड़ित के मुताबिक वर्ष 2018 में घर के सामने रहने वाले मुकेश सिंह ने पहले उनकी चरही तोड़ दी और बाद में जबरन दरवाजा लगा दिया। इसको लेकर चौकी और थाने में वर्ष 2018 में तीन बार लिखित समझौता भी हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों द्वारा किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं किए जाने की बात कही गई थी। पीड़ित का आरोप है कि समझौते के बावजूद उसके घर के सामने स्थित सहन की जमीन पर जबरन मकान का निर्माण शुरू करा दिया गया। विरोध करने पर आरोपित पक्ष ने चार-पांच लोगों के साथ मिलकर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद परिवार की सुरक्षा को लेकर घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए गए। रामचन्द्र सिंह के अनुसार विवाद को लेकर वर्ष 2019 से सिविल कोर्ट में मुकदमा भी चल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से लेकर अब 2026 तक वह डीएम, एसपी, मुख्यमंत्री कार्यालय और आईजीआरएस के माध्यम से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। पीड़ित का कहना है कि उनके पिता स्व. वासुदेव सिंह व चाचा के बीच वर्ष 1961 में घर व जमीन का बंटवारा हुआ था। लेखपाल की मौजूदगी में सभी को उनके हिस्से की जमीन दी गई थी और तभी से संबंधित लोग अपने-अपने हिस्से पर काबिज हैं। आरोप है कि इसके बावजूद मुकेश सिंह द्वारा उनकी जमीन और सहन की भूमि पर जबरन निर्माण कराया जा रहा है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि इसी दौरान तालाब की भूमि पर भी कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है। वर्ष 2018 में गार्ड की नौकरी छोड़कर गांव आए थे, ताकि जमीन संबंधी विवाद का समाधान करा सकें लेकिन करीब नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल सका। लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने से परेशान बुजुर्ग ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच कराकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।