राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में मेगा विधिक सहायता शिविर का भव्य आयोजन
37 विभागों के स्टॉल, 722 लाभार्थियों को मिला सीधा लाभ — छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक से जगाई सामाजिक चेतना
दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन उरई। आयोजन किया गया। न्याय एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में 37 विभागों ने अपने स्टॉल लगाए, जहां 722 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से मौके पर ही लाभान्वित किया गया।
राजस्व, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, श्रम, बैंकिंग, महिला कल्याण सहित अनेक विभागों ने पंजीकरण, प्रमाणन और स्वीकृति की प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए त्वरित सेवाएं प्रदान कीं। शिविर को ‘डिलीवरी मोड’ में संचालित किया गया, ताकि पात्र लाभार्थियों को तत्काल लाभ मिल सके।
नुक्कड़ नाटक बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। नाटक में घरेलू हिंसा, बाल श्रम, शिक्षा का अधिकार तथा किसानों की समस्याओं जैसे ज्वलंत मुद्दों को प्रभावी ढंग से मंचित किया गया। एक मार्मिक प्रस्तुति में दिखाया गया कि किस प्रकार किसान कर्ज के बोझ तले प्रताड़ित होता है। छात्रों ने संदेश दिया— “किसान का पसीना सोना है, उसका हक नहीं खोना है।”
नाटक के माध्यम से यह भी बताया गया कि कानून गरीब, असहाय, महिला, बच्चे और किसान सभी के अधिकारों की रक्षा करता है तथा उन्हें भयमुक्त जीवन जीने का अधिकार देता है।
न्याय सभी के लिए सुलभ — जनपद न्यायाधीश
माननीय जनपद न्यायाधीश श्री विरजेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समानता और न्याय का अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि निःशुल्क विधिक सहायता का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 39(क) के अंतर्गत सुनिश्चित है, जिसके तहत आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने घरेलू हिंसा, बाल श्रम, महिला उत्पीड़न एवं अवैध वसूली से जुड़े कानूनों की जानकारी देते हुए आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना की स्थिति में विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें।
प्रशासन की प्राथमिकता — संरक्षण और कार्रवाई
जिलाधिकारी श्री राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि गरीब, असहाय एवं निर्धन व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की प्रताड़ना से संरक्षण मिले। अवैध वसूली, धमकी या सामाजिक शोषण की स्थिति में भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचे।
पुलिस का भरोसा — हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था का मूल उद्देश्य आमजन को सुरक्षा, सम्मान और भयमुक्त वातावरण देना है। घरेलू हिंसा, बाल श्रम, अवैध वसूली या किसी भी प्रकार की प्रताड़ना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने विशेष रूप से किसानों, महिलाओं, मजदूरों एवं कमजोर वर्गों का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्ज या अन्य किसी बहाने से दबाव बनाकर उत्पीड़न करना दंडनीय अपराध है। आमजन निर्भीक होकर पुलिस से संपर्क करें — प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की जाएगी।
विधिक साक्षरता से सशक्त समाज
अपर जिला जज प्रथम श्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि विधिक साक्षरता समाज को सशक्त बनाती है। जब नागरिक अपने अधिकारों से परिचित होते हैं तो शोषण की संभावना स्वतः कम हो जाती है। उन्होंने इस शिविर को न्याय की प्रभावी ‘डिलीवरी’ सुनिश्चित करने वाली पहल बताया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती शाम्भवी ने बताया कि जिन लाभार्थियों को किसी कारणवश तत्काल लाभ नहीं मिल पाया है, उनका सतत फॉलोअप कर योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
मेगा विधिक सहायता शिविर में बड़ी संख्या में जनपदवासियों की सहभागिता रही। न्याय, जागरूकता और जनकल्याण को एक मंच पर समाहित करने वाला यह आयोजन जनपद जालौन में सुशासन और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार गौतम, स्पेशल जज एससीएसटी सुरेश गौतम, स्पेशल जज डकैती अवनीश कुमार सहित अन्य न्यायिक अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
