समिति ने उठाए सवाल, भ्रष्टाचार के मढ़े आरोप,पूर्व सैनिकों का पॉलीक्लिनिक भवन

    कचरे के ढेर में खड़ा हो रहा पूर्व सैनिकों का पॉलीक्लिनिक भवन
समिति ने उठाए सवाल, भ्रष्टाचार के मढ़े आरोप
फोटो परिचय- पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति के पदाधिकारी।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी, महिला अध्यक्ष जागृति तिवारी एवं उपाध्यक्ष साधना सिंह ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईसीएचएस (पॉलीक्लिनिक) भवन निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप लगाया है। समिति ने तथ्यों के साथ बताया कि पूर्व सैनिकों के लिए स्वीकृत इस भवन का निर्माण उस स्थान पर कराया जा रहा है, जहां पिछले 100 वर्षों से शहर का कचरा डाला जा रहा था।
समिति के अध्यक्ष ने बताया कि इस भवन की कुल प्रोजेक्ट लागत एक करोड़ चौबीस लाख रुपये है, लेकिन इसका निर्माण स्थल 100 साल पुरानी कचरा पट्टी पर चुना गया है, जो तकनीकी रूप से अत्यधिक असुरक्षित है। उन्होंने चेतावनी दी कि कचरे की परत इतनी गहरी है कि जमीन के नीचे पानी पहुंचने पर वह फूलेगी, जिससे नींव कमजोर होने के कारण अगले 3-4 वर्षों में ही भवन के धराशायी होने की प्रबल आशंका है। इसे सीधे तौर पर सरकारी धन की बर्बादी बताया गया है। आरोप लगाया गया कि ठेकेदार को बचाने के लिए एग्रीमेंट में भवन की गारंटी मात्र एक वर्ष रखी गई है। साथ ही, भूमि का औपचारिक आवंटन न होने के कारण भविष्य में भवन टूटने पर सेना को कोई अनुकंपा राशि भी नहीं मिलेगी। इस स्थिति का सीधा प्रभाव फतेहपुर के 26,000 पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के इलाज पर संकट के रूप में पड़ेगा। भवन न होने की स्थिति में सैनिकों को रायबरेली या कौशांबी पॉलीक्लिनिक के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ेगा। विद्याभूषण तिवारी ने कहा कि उन्होंने इस भ्रष्टाचार के संबंध में जीओसी प्रयागराज मेजर जनरल अमित सिंह सोहाल और स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर डागर को पूरे दस्तावेज दिखाए हैं। अधिकारियों ने गड़बड़ी की बात मानी है, लेकिन अब इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे आर्मी कमांडर से शिकायत करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।

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