अग्निशमन सेवा सप्ताह में स्कूलों में मॉक ड्रिल, छात्रों को दी गई आग से बचाव की ट्रेनिंग
अग्निशमन सेवा सप्ताह में स्कूलों में मॉक ड्रिल, छात्रों को दी गई आग से बचाव की ट्रेनिंग
अग्निशमन सेवा सप्ताह में स्कूलों में मॉक ड्रिल, छात्रों को दी गई आग से बचाव की ट्रेनिंग दीपक धुरिया अजरा न्यूज़ जालौन उरई — 15 अप्रैल अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत मंगलवार को जनपद के विभिन्न स्कूलों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरविन्द कुमार सिंह के निर्देशन में सभी अग्निशमन केन्द्रों के प्रभारी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को अग्निशमन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण दिया तथा मॉक ड्रिल कराई।
इसी क्रम में पार्थ फाइन्डर इंटरनेशनल स्कूल में मुख्य अग्निशमन अधिकारी की मौजूदगी में निबंध व चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में सफल बच्चों को प्रमाण-पत्र वितरित कर प्रोत्साहित किया गया।
उरई में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (स्टेशन रोड) और मॉर्निंग स्टार हायर सेकेंडरी स्कूल (करमेर रोड) में भी अग्निशमन अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल कराई गई। वहीं जालौन, कोंच, कालपी और माधौगढ़ क्षेत्रों के स्कूलों—एमएलबी इंटर कॉलेज चुर्खीवाल, एवेंजर्स पब्लिक स्कूल लौना, फातिमा माता स्कूल कालपी और भीमराव अंबेडकर जूनियर हाई स्कूल—में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने आग लगने की स्थिति में क्या करें और क्या न करें, इसकी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धुएं में फंसने पर नाक और मुंह को गीले कपड़े से ढंकना चाहिए और नीचे झुककर चलना चाहिए, क्योंकि जहरीली गैसें ऊपर की ओर इकट्ठा होती हैं। साथ ही आग के पास रखी ज्वलनशील सामग्री को तुरंत हटाने की सलाह दी गई।
उन्होंने चेतावनी दी कि विद्युत उपकरणों पर अधिक भार न डालें और आग लगने की स्थिति में लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें। आग बढ़ने पर उसे बुझाने की कोशिश करने के बजाय तुरंत सुरक्षित स्थान पर निकलना ही सबसे बेहतर उपाय है।
अग्निशमन विभाग के इस अभियान से विद्यार्थियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी और आपात स्थिति में सही कदम उठाने की जानकारी मिली।