अप-डाउन वाला सरकारी सिस्टम, पीएम-सीएम की अपील रह गई धरी

     अप-डाउन वाला सरकारी सिस्टम, पीएम-सीएम की अपील रह गई धरी
अफसर-कर्मचारी रोज फूंक रहे पेट्रोल-डीजल

गुगल से लिया गया चित्र
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। देश में बढ़ती ईंधन खपत को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील कर रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकारी बैठकों और सार्वजनिक मंचों से ऊर्जा संरक्षण का संदेश देते नजर आते हैं, लेकिन जिले में तैनात कई अधिकारी और कर्मचारी इस अपील को गंभीरता से लेते दिखाई नहीं दे रहे।
सूत्रों के अनुसार जिले के कई विभागों में कार्यरत कर्मचारी और अधिकारी आज भी गैर जनपदों से रोजाना निजी वाहनों के जरिए लंबी दूरी तय कर ड्यूटी करने पहुंच रहे हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं जिन्होंने कानपुर और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों में स्थायी ठिकाना बना रखा है, जबकि उनकी तैनाती जिले की तहसीलों, ब्लॉकों और जिला मुख्यालयों में है। जनपद के 13 विकास खंडों और विभिन्न तहसील कार्यालयों में तैनात कई कर्मचारी प्रतिदिन सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर नौकरी करने आते हैं। खासतौर पर खागा तहसील क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक कर्मचारियों के रोजाना बाहर से आने-जाने की चर्चा जोरों पर है। इससे न सिर्फ पेट्रोल और डीजल की खपत बढ़ रही है, बल्कि सरकारी योजनाओं और कार्यालयी कार्यों की गति भी प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब देश और प्रदेश के सर्वाेच्च जनप्रतिनिधि खुद ईंधन बचत की बात कर रहे हैं, तब सरकारी मशीनरी में तैनात कर्मचारियों को इसका पालन सबसे पहले करना चाहिए। लोगों का मानना है कि यदि अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यस्थल के आसपास निवास करें तो समय की बचत होगी, सरकारी कामकाज में तेजी आएगी और ईंधन की बर्बादी भी रुकेगी। जानकार बताते हैं कि यह समस्या वर्षों पुरानी है। पूर्व में कई जिलाधिकारियों ने बाहरी जनपदों से रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारियों पर नियंत्रण लगाने की कोशिश की, लेकिन व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं हो सका। अब जबकि देशभर में ईंधन संरक्षण को लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है, ऐसे में यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। लोगों का कहना है कि जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर तैनात कर्मचारियों के नियमित आवागमन की समीक्षा की जानी चाहिए। साथ ही ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब भी मांगा जाना चाहिए कि आखिर पदस्थापना स्थल पर न रहकर वे गैर जनपदों से आकर नौकरी क्यों कर रहे हैं? जनता का कहना है कि यह केवल नियमों की अनदेखी नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील की भी खुली अनदेखी है।
इनसेट-
सरकारी जिम्मेदारी या निजी सुविधा?
जनता के बीच अब यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि जब आम लोगों से ईंधन बचाने की अपील की जाती है, तो क्या सरकारी तंत्र में बैठे लोगों की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती? लोगों का कहना है कि अगर अधिकारी और कर्मचारी स्थानीय स्तर पर रहकर कार्य करें तो प्रशासनिक व्यवस्था और विकास योजनाओं का संचालन भी अधिक प्रभावी हो सकता है।
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 दहेज हत्या में दोषी पति को दस साल की सजा
– कोर्ट ने लगाया दस हजार का जुर्माना
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। दहेज हत्या के एक पुराने मामले में न्यायालय ने दोषी पति को दस वर्ष के कठोर कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर हुई।
थाना जाफरगंज क्षेत्र के ललियापुर गांव निवासी पप्पू पुत्र किशोरीलाल के खिलाफ वर्ष 2018 में दहेज उत्पीड़न और पत्नी की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। मृतका के परिजन गंगादीन ने आरोप लगाया था कि दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को लगातार प्रताड़ित किया जाता था और बाद में मिट्टी का तेल छिड़ककर उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में थाना जाफरगंज पुलिस ने धारा 498ए, 304बी आईपीसी एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूरी करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। पुलिस महानिदेशक के निर्देश और पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और एडीजीसी अजय कुमार सिंह ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। शनिवार को एएसजे/एफटीसी कोर्ट संख्या-02 ने सुनवाई के बाद अभियुक्त पप्पू को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कारावास तथा दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मुकदमे की पैरवी में मॉनिटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक श्रवण कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अश्विनी वर्मा, कांस्टेबल रोहित राजावत, जितेंद्र सिंह, विवेक कुमार, पैरोकार कांस्टेबल सुमित कुमार, कोर्ट मुहर्रिर हेड कांस्टेबल प्रमोद कुमार मिश्रा की अहम भूमिका रही।
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    संदिग्ध हालात में विवाहिता की मौत, ससुरालियों पर हत्या का आरोप
– भूमि बैनामा न करने पर बेटी को किया प्रताड़ित
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। गाजीपुर थाना क्षेत्र में सामूहिक विवाह योजना के तहत ब्याही गई एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की मां ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और हत्या कर शव को फांसी पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चक काजीपुर (कचपुरवा) निवासी सुदामा पत्नी रोशन लाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी इकलौती पुत्री लक्ष्मी देवी का विवाह करीब एक वर्ष पूर्व अर्जुन पुत्र चन्द्रभान निवासी उसी गांव के साथ सरकार की सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज में जमीन अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे। मृतका की मां के मुताबिक, ससुर चन्द्रभान, पति अर्जुन, चचिया ससुर चन्द्रकिशोर समेत अन्य परिजन लगातार लक्ष्मी को प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि जब प्रार्थिनी ने अपनी भूमि बेटियों के नाम बैनामा कर दी, तो ससुरालियों का रवैया और आक्रामक हो गया तथा लक्ष्मी के साथ मारपीट और गाली-गलौज बढ़ गई। तहरीर के अनुसार शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे अर्जुन ने फोन कर सूचना दी कि लक्ष्मी की तबीयत खराब है और तत्काल आने को कहा। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो लक्ष्मी बेसुध अवस्था में मिली। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां परिजनों ने आरोप लगाया कि ससुरालियों ने उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया। मृतका के परिजनों ने ज्वाला सिंह पुत्र प्रताप सिंह निवासी डडीवा थाना हुसेनगंज का नाम भी घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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    तीन लोगों ने फंासी लगाकर की आत्महत्या
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अर्न्तगत बीते चौबी घन्टों के अन्तराल में तीन लोगों ने फंासी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जानकारी के अनुसार मलवां थाना क्षेत्र के धरमपुर मजरे असवार तारापुर निवासी राजेश प्रताप सिंह की 28 वर्षीय पत्नी सुमन देवी ने घर के अन्दर परिवार की कलह के चलते फंासी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं गाजीपुर थाना क्षेत्र के शाह निवासी स्व0 दिनेश चन्द्र का 70 वर्षीय पुत्र शिवशंकर ने घर के अन्दर फंासी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनो के अनुसार उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। वहीं हथगाम थाना क्षेत्र के सरांय साबा नगरा गांव निवासी स्व0 रामस्वरूप का 48 वर्षीय पुत्र सत्यजीत ने अज्ञात कारणो द्वारा फंासी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। वहीं घटनास्थल पहुंची पुलिस ने शव ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर विच्छेदन गृह भेज दिया।
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    आरा मशीन पट्टे में फंस कर मजदूर घायल
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बारामील में शनिवार की सुबह आरा मशीन के पट्टे में फंस कर 55 वर्षीय मजदूर घायल हो गया। जिसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के गोपीपुर गांव निवासी स्व0 महावीर पुत्र सियाराम बारामील स्थित आरा मशीन में काम करता है। आज सुबह लगभग 11 बजे काम करते समय अचानक आरा मशीन के पट्टे में फंस गया। जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। सूचना पाकर मौके में पहुंची सरकारी एम्बुलेंस ने घायल को उपचार के लिए जिला सदर अस्पताल मंे भर्ती कराया।
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   सड़क हादसो में महिला समेत दो घायल
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। जनपद अलग-अलग थाना क्षेत्रोे के अर्न्तगत हुये सड़क हादसो के दौरान महिला समेत दो लोग घायल हो गये। जिन्हे उपचार के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली क्षेत्र के कलेक्टरगंज मोहल्ला निवासी स्व0 सूरजदीन शुक्ला का 65 वर्षीय पुत्र रमेश चन्द्र शुक्ला ई-रिक्शा चालक है। बताते है कि सवारी छोड़कर वापस आते समय लखनऊ बाईपास एनएच 2 में चार पहिया वाहन ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसी प्रकार हथगाम थाना क्षेत्र के रामपुर मून गांव निवासी सलीम की 45 वर्षीय पत्नी सदीकुल निशा अपने पुत्र शमीम के साथ दवाई करवाकर घर वापस लौट रही थी। तभी थाना क्षेत्र के मनमोहनपुर चौराहा के पास चार पहिया वाहन ने बाइक में टक्कर मार दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी। सूचना पाकर मौके में पहुंची सरकारी एम्बुलेंस ने सभी घायलो को उपचार के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया।
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 गंगा में डूबकर किशोर की मौत, चार को बचाया
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। शनिवार को एक भीषण दुर्घटना होते-होते बच गई। फरिश्ता बनकर आ रहे महेश निषाद ने डूब रही चार महिलाओं को तो साड़ी खींच कर बचा लिया लेकिन उसका ध्यान एक बच्चे की तरफ जा पाया और वह डूब गया। उसकी मौत हो गई। अगर महेश निषाद अचानक नहीं पहुंच जाता तो गांव में पांच-पांच लाशें पड़ी होतीं। चारों तरफ कोहराम मचा होता। उधर बच्चे की मौत पर पारिवारिक जनों में रो-रो कर बुरा हाल रहा। इंस्पेक्टर सुल्तानपुर घोष तेज बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रधान अनूप सिंह तथा ग्रामीणों के सहयोग से जाल डालकर बच्चे का शव निकाला गया। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के खरगूपुर बरगला ग्राम सभा के मजरे टंडवापर गंगा घाट में अमावस्या के दिन स्नान होता है। स्नान करने गईं चार महिलाएं और एक बच्चा गहरे पानी में चले गए। इजूरा खुर्द से पैदल टंडवापर गांव की तरफ आ रहे महेश निषाद ने देखा कि महिलाएं डूब रही हैं। उन्होंने साहस दिखाते हुए चारों महिलाओं की साड़ियां किसी तरह से पकड़ी और बाहर निकाल लिया लेकिन इस बीच 10 वर्षीय रत्नेश पुत्र राजू यादव की जानकारी उसे नहीं मिल पाई। बाद में महिलाओं ने बताया कि वह बच्चा साथ में था। महेश निषाद गंगा नदी में कूद कर उसे तलाशने लगा लेकिन मिला नहीं। इसके बाद ग्राम प्रधान अनूप सिंह और ग्रामीणों ने इंस्पेक्टर तेज बहादुर सिंह तथा पुलिस बल के साथ नदी में जाल डाला और बच्चे के शव को बरामद कर लिया। कुल मिलाकर अगर थोड़ी देर भी महेश निषाद का मौके पर आना नहीं होता तो शनिवार गांव के लिए काला दिवस बन जाता। साहस का परिचय देते हुए महेश निषाद ने जिस तरह चार महिलाओं को एक साथ डूबने से बचाया, उसकी सर्वत्र प्रशंसा हो रही है। प्रशासनिक स्तर पर भले न उसको नोटिस में लिया जाए लेकिन चार-चार महिलाओं को डूबने से बचाने वाले महेश निषाद को इस बात का गर्व है कि उसने चार लोगों की जान बचाई और दुख है कि वह बच्चे को नहीं बचा सका। आज हिंदी दैनिक महेश निषाद के साहस को सलाम करता है जिसने अपनी सूझबूझ एवं बहादुरी से मौत का तांडव होने से बचा लिया। उधर दस वर्षीय रत्नेश की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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