सैकड़ों समर्थकों के काफिले के साथ लखनऊ पहुंचे पूर्व विधानसभा प्रत्याशी
सैकड़ों समर्थकों के काफिले के साथ लखनऊ पहुंचे पूर्व विधानसभा प्रत्याशी
बसपा को बाय-बाय, सपा के साथ अय्यूब अहमद की नई सियासी पारी
– सैकड़ों समर्थकों के काफिले के साथ लखनऊ पहुंचे पूर्व विधानसभा प्रत्याशी
– राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष थामा सपा का झंडा
फोटो परिचय- अखिलेश यादव के समक्ष सपा का दामन थामते अय्यूब खान। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सदर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी अय्यूब खान ने बसपा से किनारा कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। शनिवार को सैकड़ों समर्थकों के साथ लखनऊ पहुंचे अय्यूब अहमद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके सपा में शामिल होने को जिले की राजनीति में एक महत्वपूर्ण सियासी घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
अय्यूब खान लंबे समय से बहुजन समाज पार्टी से जुड़े रहे और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सदर विधानसभा क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ा था। हालांकि, समय के साथ बसपा के कमजोर होते जनाधार और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच उन्होंने अब समाजवादी पार्टी का रुख किया है। सपा में शामिल होने के लिए अय्यूब खान अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ वाहनों के बड़े काफिले में लखनऊ पहुंचे। पार्टी कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने समाजवादी पार्टी का झंडा थामा। इस दौरान समर्थकों में खासा उत्साह नजर आया और कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में नारेबाजी भी की। पार्टी में शामिल होने के बाद अय्यूब खान ने कहा कि वह अब पूरी मजबूती के साथ समाजवादी पार्टी की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे। उनका लक्ष्य जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को जीत दिलाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव को लेकर अभी से संगठनात्मक तैयारियों को गति दी जाएगी। गांव-गांव और बूथ-बूथ तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं को जोड़ने के साथ पार्टी को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। अय्यूब खान के साथ बड़ी संख्या में समर्थकों के सपा में आने से जिले में पार्टी के संगठनात्मक समीकरणों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।