नीरज की मौत प्रकरण में कोर्ट का बड़ा आदेश, मुकदमा दर्ज करने के निर्देश

 नीरज की मौत प्रकरण में कोर्ट का बड़ा आदेश
– पंद्रह दिन में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश 

एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। नीरज उर्फ रिंकू की मौत के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए संबंधित थानाध्यक्ष को पंद्रह दिनों के भीतर मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने प्रस्तुत प्रार्थना पत्र और उपलब्ध अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का मामला प्रतीत होने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173(4) के तहत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने आदेश में कहा कि पत्रावली पर उपलब्ध दस्तावेजों और प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर पुलिस कार्रवाई की आवश्यकता प्रतीत होती है। संबंधित थाने से प्राप्त आख्या में भी इस प्रकरण के संबंध में कोई अभियोग पंजीकृत होना नहीं पाया गया। ऐसे में अदालत ने संबंधित थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र में उल्लिखित तथ्यों के आधार पर उचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर नियमानुसार विवेचना करने के निर्देश दिए हैं। प्रार्थिनी की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद आसिफ ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी करते हुए मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों को अदालत के समक्ष रखा तथा नीरज की मौत के मामले में विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की। सुनवाई के बाद अदालत ने प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का मामला मानते हुए प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब संबंधित पुलिस थाने को निर्धारित समय सीमा में मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना करनी होगी। पुलिस जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर नीरज उर्फ रिंकू की मौत की परिस्थितियों और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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