निजी स्कूलों की मनमानी पर अभिभावक संघ ने खोला मोर्चा, उच्चस्तरीय जांच की मांग
निजी स्कूलों की मनमानी पर अभिभावक संघ ने खोला मोर्चा, उच्चस्तरीय जांच की मांग
तेजस की मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग निजी स्कूलों की मनमानी पर अभिभावक संघ ने खोला मोर्चा
फोटो परिचय- डीएम को ज्ञापन देने जाते अभिभावक संघ के पदाधिकारी। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। निजी विद्यालयों की मनमानी व छात्रों से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिला अभिभावक संघ ने प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की है। छात्र तेजस की मौत के मामले में निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर जिला अभिभावक संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संघ ने निजी विद्यालयों में फीस के नाम पर कथित तौर पर अभिभावकों के शोषण, छात्रा की टीसी में गड़बड़ी और आरटीई के तहत चयनित बच्चों से विभिन्न मदों में शुल्क वसूले जाने के आरोप भी उठाए। संघ ने तीनों मामलों की गंभीरता से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जिला अभिभावक संघ के जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता दीपक कुमार (डब्लू) तथा डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के महामंत्री अनुराग नारायण (पुत्तन मिश्रा) ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा कि जनपद के अधिकांश अभिभावकों की आय का मुख्य साधन कृषि है। इसके बावजूद निजी विद्यालयों की ओर से अलग-अलग मदों में अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने से अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। आरोप लगाया कि कई विद्यालयों में ड्रेस बदलने, अतिरिक्त शुल्क और अन्य मदों के नाम पर मनमाने तरीके से धनराशि वसूली जाती है। ज्ञापन में शहर के सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज, शिवपुरम में छात्र तेजस की मृत्यु के मामले को प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने मामले की निष्पक्ष जांच उच्चाधिकारी स्तर से कराए जाने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही अथवा दोष सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अभिभावक संघ ने ओम सरस्वती ज्ञान मंदिर, पक्का तालाब से संबंधित छात्रा अंशी के मामले को भी ज्ञापन में शामिल किया। संघ के अनुसार छात्रा की टीसी में गलत विवरण दर्ज किए जाने और उसमें सुधार न किए जाने की शिकायत है। साथ ही विद्यालय में ही पढ़ाई जारी रखने का दबाव बनाए जाने का आरोप भी लगाया गया है। संघ ने पूरे मामले की जांच कराकर छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की। इसके अलावा निजी विद्यालयों में आरटीई के तहत चयनित बच्चों के अभिभावकों से शासन की मंशा के विपरीत डायरी, आईडी कार्ड, परीक्षा शुल्क और वार्षिक उत्सव के नाम पर शुल्क लिए जाने का आरोप लगाया गया। संघ का कहना है कि शुल्क जमा न करने पर बच्चों को परीक्षा में न बैठने देने की बात कही जाती है। अभिभावक संघ ने ऐसे मामलों की जांच कराकर दोषी विद्यालयों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। संघ ने जिलाधिकारी से सभी मांगो को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करने की मांग की। इस मौके पर इन्द्रजीत यादव एडवोकेट, आशीष कुमार सिंह एडवोकेट समेत अन्य लोग मौजूद रहे।