चकबंदी लेखपाल पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज खागा/फतेहपुर। तहसील क्षेत्र में चकबंदी विभाग के लेखपाल पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। गढ़ा निवासी राजू बाजपेई ने चकबंदी लेखपाल मनोज कुमार मिश्रा पर जमीन की वरासत से जुड़े काम के एवज में रुपये लेने का आरोप लगाया है। मामले के सामने आने के बाद विभाग की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर भी सवाल उठने लगे हैं। राजू बाजपेई के अनुसार, उनके पिता सुंदरलाल की जमीन की वरासत को लेकर दो आदेश हो गए थे। इनमें से एक आदेश को निरस्त कर दूसरे आदेश को अमल में लाने के लिए उन्होंने चकबंदी लेखपाल से संपर्क किया।
आरोप है कि लेखपाल ने काम कराने के एवज में 30 हजार रुपये की मांग की। राजू का दावा है कि उन्होंने लेखपाल को 30 हजार रुपये नकद दे दिए। आरोप है कि करीब 10 से 15 दिन बाद लेखपाल ने अपने आवास में एसी लगवाने के नाम पर उनसे 50 हजार रुपये और ले लिए। इसके बावजूद संबंधित कार्य नहीं हुआ। काम न होने पर राजू ने लेखपाल से अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन आरोप है कि लेखपाल ने रुपये लौटाने से इनकार कर दिया।मामले को लेकर लेखपाल मनोज कुमार मिश्रा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन वह आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। शिकायत और आरोपों के संबंध में उपजिलाधिकारी अश्वनी पांडेय ने कहा कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।