97 मुकदमों वाले 12 शातिरों पर पुलिस का शिकंजा

    97 मुकदमों वाले 12 शातिरों पर पुलिस का शिकंजा
– गाजीपुर से हथगांव तक अपराधियों की कुंडली खंगाली, हिस्ट्रीशीट खोलकर निगरानी तेज
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने अब सीधा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सक्रिय और आपराधिक गतिविधियों में अभ्यस्त 12 शातिर अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोल दी गई है। इन अपराधियों के खिलाफ फतेहपुर समेत अन्य जनपदों के विभिन्न थानों में 97 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। चोरी, लूट, मारपीट, गोवध, नकबजनी और झपटमारी जैसे अपराधों में बार-बार नाम सामने आने के बाद पुलिस ने इनकी निगरानी और कड़ी कर दी है।

गाजीपुर थाने से दो नाम निगरानी के घेरे में आए हैं। मर्दनपुर निवासी रमेश यादव के खिलाफ मारपीट के सात मुकदमे दर्ज हैं, जबकि सिमौर निवासी दिलशाद चिकवा के खिलाफ गोवध और चोरी के सात मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों की हिस्ट्रीशीट खोलकर गतिविधियों पर नजर रखने की कार्रवाई की है। बिंदकी में तीन अपराधियों पर कार्रवाई हुई है। चक माधवपुर निवासी दिलीप कुमार के खिलाफ चोरी व नकबजनी के नौ मुकदमे दर्ज हैं। कंचनपुर निवासी गोलू गिहार के खिलाफ लूट के 10 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि कुंदनपुर निवासी प्रहलाद उर्फ ध्रुव के खिलाफ चोरी के पांच मुकदमे दर्ज हैं। जहानाबाद में भी पुलिस ने एक अपराधी की हिस्ट्रीशीट खोली है। कंजरनडेरा मजरे नोनारा निवासी प्रदीप कुमार के खिलाफ चोरी और नकबजनी के पांच मुकदमे दर्ज हैं। वहीं खागा में दो शातिर पुलिस की निगरानी में आए हैं। अजईपुर निवासी महेश कुमार रैदास के खिलाफ लूट और चोरी के 15 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि रामनगर निवासी कामता प्रसाद मौर्या के खिलाफ चोरी के चार मुकदमे हैं। कोतवाली क्षेत्र में चोरी के आरोपी पर निगाह कड़ी हुई है। अरबपुर निवासी मोहम्मद यासीन के खिलाफ चोरी के तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं हुसैनगंज के जमरावां निवासी साहिल कुरैशी के खिलाफ चोरी के 15 मुकदमे दर्ज हैं। हथगांव में लूट और झपटमारी से लेकर मारपीट तक के आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खुली है। इस्लाम नगर निवासी मोहम्मद गुलाम के खिलाफ लूट व झपटमारी के छह मुकदमे दर्ज हैं। वहीं तेहीपारा निवासी सूरज मिश्रा के खिलाफ मारपीट के 11 मुकदमे दर्ज हैं। एसपी अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर की गई कार्रवाई से साफ है कि पुलिस अब केवल मुकदमा दर्ज करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि बार-बार अपराध में संलिप्त पाए जाने वाले अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की रणनीति पर काम कर रही है। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद इन अपराधियों की सतत निगरानी की जाएगी।

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