कांग्रेसियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर जताया विरोध
कांग्रेसियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर जताया विरोध
कांग्रेसियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर जताया विरोध – अतर्रा मंे जिलाध्यक्ष की अगुवाई में निकाला मार्च
– ब्यूरो सुरेंद्र धुरिया अजरा न्यूज़ बांदा। राष्ट्रीय आवाहन पर जिला कांग्रेस कमेटी बांदा के तत्वावधान में गुरूवार को बांदा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के नेतृत्व में अतर्रा नगर अध्यक्ष रमेश साहू की अध्यक्षता में रेलवे स्टेशन, अतर्रा धरना स्थल से जनादेश की हत्या करने वाले वोट चोर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर पैदल मार्च निकाला गया एवं जिस प्रकार से प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी एवं सांसद प्रियंका गांधी को सड़क पर पुलिस द्वारा छीना छपटी बर्बरता पूर्वक की गई उसके विरोध में काली पट्टी बांधकर काला दिवस के रूप मे मनाया गया, जो गाँधी चौक अतर्रा पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर समाप्त हुआ, वही पर मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया गया, वोट चोर गद्दी छोड़, वोट चोर कहा मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में गगन भेदी नारे लगाते हुए पैदल मार्च किया ,जिला / नगर पदाधिकारियों मंडल / ब्लॉक अध्यक्षों, फ्रंटल, प्रकोष्ठों के प्रमुखों, पार्षदों के अतिरिक्त एआईसीसी एवं पीसीसी सदस्य सम्मिलित रहें। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित रहे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने इस अवसर पर कहा कि ष्कांग्रेस की तीन मांगे हैं जिनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्ती़फा दें, चुनाव मतपत्र से हों, एसआईआर को रद्द किया जाए।देश की आत्मा यानी लोकतंत्र को गुलाम बनाने की कई साज़िशें इस समय रची जा रही हैं, लेकिन यह देखकर आज़ाद रहने की उम्मीद बंधी हुई है कि विपक्ष पूरी ताकत से इन साज़िशों का मुकाबला कर रहा है और इनका सच जनता के सामने भी रख रहा है। इन साज़िशों में ही एक है मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर। जिसके तहत 13 करोड़ से ज्यादा नाम मतदाता सूची से बाहर हो चुके हैं। परेशानी और चिंता की बात यह है कि चुनाव आयोग इस बारे में खुलकर जवाब भी नहीं दे रहा है। कई पर्दों में काम किया जा रहा है।चुनाव आयोग कोई निजी संस्था नहीं है, जिसके कामों में पारदर्शिता की पाबंदी न हो। संवैधानिक संस्था होने के नाते इसकी हरेक गतिविधि की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए, अब सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से भी पता चलता है कि चुनाव आयोग ने देश को गुमराह किया। इसी तरह की कई गड़बड़ियों के कारण ही विपक्ष बार-बार एसआईआर रद्द करने की मांग कर रहा है। मंगलवार को इंडिया गठबंधन के सांसदों ने इसी मांग को चुनाव आयोग के सामने रखने के लिए संसद परिसर से चुनाव आयोग तक मार्च निकालना शुरु किया। सांसदों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर थामे हुए थे। लेकिन इस मार्च को निकलते ही दिल्ली पुलिस ने रोका, वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तो बस से उतरकर चुनाव आयोग से मात्र 100 मीटर की दूरी पर आकाशवाणी भवन परिसर में चले गए और कई और सांसदों के साथ वहीं धरने पर बैठ गये। ये सारे सांसद आकाशवाणी के दूसरे दरवाज़े से चुनाव आयोग पहुंचना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक लिया गया, राहुल और बाकी सांसद आकाशवाणी में ही बरगद के पेड़ के नीचे डेरा