26 अक्टूबर को जयंती पर जिला पत्रकार संघ करेगा विशेष आयोजन
26 अक्टूबर को जयंती पर जिला पत्रकार संघ करेगा विशेष आयोजन
गणेश शंकर विद्यार्थी जी को भारत रत्न देने की मांग
– 26 अक्टूबर को जयंती पर जिला पत्रकार संघ करेगा विशेष आयोजन एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। निर्भीक पत्रकारिता के पुरोधा, अमर शहीद और महान स्वतंत्रता सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी जी की आगामी जयंती के अवसर पर पत्रकार समुदाय ने उन्हें देश के सर्वाेच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से अलंकृत करने की पुरजोर मांग उठाई है।
ज़िला पत्रकार संघ के अध्यक्ष अजय सिंह भदौरिया अजेय ने आगामी 26 अक्टूबर को विद्यार्थी जी के जन्म दिवस से ठीक पूर्व भारत सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि इस खास अवसर पर देश के इस महान सपूत को भारत रत्न देने की ऐतिहासिक घोषणा की जाए। संघ के अध्यक्ष भदौरिया ने बताया कि पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी 26 अक्टूबर को ज़िला पत्रकार संघ द्वारा परम्परागत श्रद्धांजलि सभा एवं विविध कार्यक्रमों का गरिमामय आयोजन किया जाएगा, जिसमें पत्रकार समुदाय एवं गणमान्य लोग एकत्रित होकर विद्यार्थी जी के विचारों व सिद्धांतों को नमन करेंगे। भारत सरकार को एक सामूहिक माँग पत्र भेजकर इस माँग को और प्रभावी ढंग से माँग की जाएगी। विद्यार्थी जी के ऐतिहासिक परिचय का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उनका जन्म 26 अक्टूबर 1890 को इलाहाबाद के अतरसुइया स्थित ननिहाल में हुआ था, जबकि उनकी पैतृक एवं कर्मभूमि का गहरा संबंध फतेहपुर हथगांव व कानपुर से रहा। पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जी ने 9 नवंबर 1913 को कानपुर से प्रसिद्ध हिंदी साप्ताहिक श्प्रतापश् का संपादन और प्रकाशन प्रारंभ किया था, जो आगे चलकर भारतीय स्वाधीनता संग्राम, किसानों और शोषित मजदूरों की आवाज का प्रखर माध्यम बना। अजय सिंह भदौरिया ने विद्यार्थी जी के अमर बलिदान को रेखांकित करते हुए कहा कि 25 मार्च 1931 को कानपुर में भड़के भीषण सांप्रदायिक दंगों के दौरान निर्दाेष लोगों की जान बचाते हुए उन्होंने देश और मानवता की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। ज़िला पत्रकार संघ का मानना है कि गणेश शंकर विद्यार्थी जी का जीवन सत्य, सामाजिक सद्भाव और निष्पक्ष पत्रकारिता की अमर मिसाल है। उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना न केवल इस अमर शहीद के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी, बल्कि यह पूरे भारतीय पत्रकारिता जगत के लिए भी अत्यंत गौरव का क्षण होगा।