180 साल पुरानी खागा की ऐतिहासिक रामलीला का आगाज

   180 साल पुरानी खागा की ऐतिहासिक रामलीला का आगाज
– पांच नवंबर को गूंजेगा रावण वध का जयघोष
– तीन करोड़ एक लाख रुपये से होगा रावण मैदान का कायाकल्प
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज खागा, फतेहपुर। करीब 180 वर्षों की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संजोए खागा की ऐतिहासिक रामलीला एक बार फिर श्रद्धा व उल्लास के साथ शुरू हो चुकी है। 27 अक्टूबर से अयोध्या मंदिर में रामलीला मंचन का शुभारंभ हो गया है, जबकि 5 नवंबर को ऐतिहासिक रावण मैदान में भव्य रावण वध का आयोजन होगा। इस बार रामलीला की ऐतिहासिक पहचान को नया स्वरूप देने की भी तैयारी है। करीब दो दशक बाद शासन की ओर से तीन करोड़ एक लाख रुपये की धनराशि से रावण मैदान के सुंदरीकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत मैदान का कायाकल्प करने के साथ प्राचीन खरहरनुमा रामचंदी सहित तीन भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाने प्रस्तावित हैं।

नगर की इस ऐतिहासिक रामलीला से लोगों की धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि पुरानी पीढ़ियों की विरासत और सांस्कृतिक परंपराएं भी जुड़ी हैं। करीब दो दशक पूर्व नगर के सम्मानित लोगों ने रामलीला मंचन की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए अयोध्या मंदिर और रावण मैदान के लिए अपनी अचल संपत्ति दान की थी। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों तक इस धार्मिक आयोजन की परंपरा को जीवित रखना था। हालांकि, समय बीतने के साथ रावण मैदान की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जों और अतिक्रमण का विवाद गहराता चला गया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष प्रकाश पांडेय के अनुसार, मैदान की संपत्ति को लेकर कमेटी को लगातार कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ रही है। वर्तमान में दो दर्जन से अधिक मुकदमे विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन हैं। उनका आरोप है कि कुछ अवैध कब्जेदार मुकदमों को लंबित रखकर जमीन पर अपना कब्जा बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। इससे रामलीला कमेटी को आयोजन और संपत्ति के संरक्षण में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन की ओर से रावण मैदान के सुंदरीकरण के लिए तीन करोड़ एक लाख रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गई है। इस धनराशि से मैदान को व्यवस्थित और आकर्षक स्वरूप देने के साथ प्राचीन रामचंदी एवं दो अन्य भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण प्रस्तावित है। कमेटी का प्रयास है कि शासन-प्रशासन के सहयोग से रामलीला मैदान को अवैध कब्जों और अतिक्रमण से मुक्त कराकर उसका मूल स्वरूप सुरक्षित रखा जाए, ताकि नगर के बुजुर्गों द्वारा स्थापित की गई इस ऐतिहासिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित किया जा सके। रामलीला कमेटी का कहना है कि सुंदरीकरण के साथ मैदान की भूमि को कब्जामुक्त कराना भी प्राथमिकता है, जिससे खागा की करीब 180 वर्ष पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा निर्बाध रूप से आगे बढ़ती रहे।
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व्यापारियों को बड़ी राहत, ब्याज माफी योजना लागू
– दस लाख तक के मूल बकाये पर सौ प्रतिशत ब्याज माफ, 15 जनवरी तक करें आवेदन
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। प्रदेश सरकार ने व्यापारियों को राहत देने के लिए ब्याज माफी योजना 2026 लागू की है। इसके तहत 31 दिसंबर 2025 तक के बकाये पर निर्धारित शर्तों के अनुसार ब्याज एवं अर्थदंड में छूट दी जाएगी। योजना 16 अक्टूबर से 15 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी।
उपायुक्त राज्य कर ने बताया कि 10 लाख रुपये तक का मूल बकाया जमा करने पर 100 प्रतिशत, 10 लाख से एक करोड़ तक 90 प्रतिशत, एक से पांच करोड़ तक 75 प्रतिशत तथा पांच करोड़ रुपये से अधिक के मूल बकाये पर 50 प्रतिशत ब्याज माफी मिलेगी। योजना का लाभ समाधान राशि, स्वीकृत कर और आरोपित कर के मामलों में भी मिलेगा। न्यायालयों में लंबित मामलों में वाद वापस लेकर मूल बकाया जमा करने पर भी इसका लाभ लिया जा सकता है। व्यापारी योजना का लाभ लेने के लिए विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए नप्पी का हाता स्थित उपायुक्त राज्य कर कार्यालय में स्थापित हेल्प डेस्क के नंबर 05180-298528 व 7355442022 पर संपर्क किया जा सकता है।

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