भाकियू महात्मा टिकैत का जोरदार प्रदर्शन, सैकड़ों किसानों ने डाला डेरा

  खाद के लिए फूटा किसानों का गुस्सा, विकास भवन बना अखाड़ा 

भाकियू महात्मा टिकैत का जोरदार प्रदर्शन, सैकड़ों किसानों ने डाला डेरा
– खाद नहीं मिली तो अनिश्चितकालीन होगा आंदोलन
फोटो परिचय-  विकास भवन में धरना-प्रदर्शन करते भाकियू महात्मा टिकैत के पदाधिकारी।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। धान की रोपाई के अहम समय में खाद की किल्लत से परेशान किसानों का सब्र सोमवार को टूट गया। भारतीय किसान यूनियन महात्मा टिकैत के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने विकास भवन का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और परिसर में धरने पर बैठ गए। किसानों ने खाद संकट को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया और अन्य उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार दोपहर करीब दो बजे भाकियू महात्मा टिकैत के प्रदेश प्रभारी एवं प्रदेश महासचिव रामदत्त मिश्रा व जिलाध्यक्ष मधुसूदन तिवारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों और चार पहिया वाहनों से विकास भवन पहुंचे। देखते ही देखते पूरा परिसर किसानों से भर गया और धरना शुरू हो गया। किसानों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि खाद की किल्लत से जिले का अन्नदाता परेशान है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि जिले की सहकारी समितियों और खाद केंद्रों पर कई दिनों से यूरिया और अन्य उर्वरकों का भारी संकट बना हुआ है। सुबह से शाम तक लाइन में लगने के बावजूद किसानों को खाद नहीं मिल रही है। धान की रोपाई का समय निकलता जा रहा है और खेतों में फसल को खाद की सख्त जरूरत है। यदि समय रहते खाद उपलब्ध नहीं हुई तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और किसानों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश प्रभारी रामदत्त मिश्रा ने कहा कि प्रशासन ने पहले भी खाद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि खाद नहीं तो धरना जारी रहेगा। यदि तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो आंदोलन को जिले भर में विस्तार देते हुए अनिश्चितकालीन बनाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। धरने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं से वार्ता कर जल्द खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, लेकिन किसान नेताओं ने साफ कहा कि अब केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित भरोसा और जमीनी स्तर पर खाद की उपलब्धता चाहिए। जब तक यह सुनिश्चित नहीं होगा, धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। धरने में युवा प्रदेश उपाध्यक्ष पप्पू सिंह चौहान, युवा जिलाध्यक्ष कल्लू सिंह, राजू सिंह, राम आसरे यादव, जितेंद्र त्रिपाठी, राकेश शुक्ला, ऋषि सिंह, देवेश बाजपेयी, शिव बाबू, दीपेंद्र सिंह, गुड्डू यादव, करन पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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