प्रधानाचार्य भर्ती में अनुभव प्रमाण पत्र की प्रक्रिया सरल करने की उठी मांग
प्रधानाचार्य भर्ती में अनुभव प्रमाण पत्र की प्रक्रिया सरल करने की उठी मांग
प्रधानाचार्य भर्ती में अनुभव प्रमाण पत्र की प्रक्रिया सरल करने की उठी मांग
– सीएम व माध्यमिक शिक्षा मंत्री समेत पांच प्रमुख अधिकारियों को भेजा पत्र एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापक भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने वाले शिक्षकों को अनुभव प्रमाण पत्र बनवाने में हो रही परेशानियों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने आवाज बुलंद की है। संगठन ने प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री, माध्यमिक शिक्षा मंत्री सहित शासन व विभाग के उच्चाधिकारियों तथा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष को पत्र भेजा है।
संगठन का कहना है कि भर्ती के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों को अनुभव प्रमाणपत्र बनवाने के लिए विभिन्न अभिलेखों के सत्यापन व अनावश्यक औपचारिकताओं से गुजरना पड़ रहा है। इसमें काफी समय लग रहा है, जिससे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई पात्र शिक्षक प्रमाणपत्र मिलने में देरी के चलते भर्ती प्रक्रिया से वंचित होने की आशंका जता रहे हैं। मांग की है कि संबंधित शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में दर्ज प्रमाणित अभिलेखों के आधार पर अनुभव का सत्यापन कर प्रमाणपत्र जारी किया जाए। जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ल ने कहा कि शिक्षकों की वर्षों की सेवा व अनुभव का पूरा विवरण उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज रहता है। ऐसे में अनुभव प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अनावश्यक प्रक्रियाओं में उलझाना उचित नहीं है। संगठन शिक्षकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी पात्र शिक्षक को प्रशासनिक शिथिलता या अनावश्यक औपचारिकताओं के कारण चयन प्रक्रिया में शामिल होने के अवसर से वंचित नहीं होना चाहिए। इस संबंध में जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ल, जिलामंत्री अमित कुमार सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमल सिंह चौहान एवं अतुल सिंह यादव, कोषाध्यक्ष बलराम, आय-व्यय निरीक्षक देवी प्रसाद ने संयुक्त रूप से पत्र प्रेषित किया है।