सिद्धपीठों पर लगा आस्थावानों का मेला, की मां की उपासना
सिद्धपीठों पर लगा आस्थावानों का मेला, की मां की उपासना
मां कालरात्रि के दर्शन-पूजन को भक्तों का तांता
– सिद्धपीठों पर लगा आस्थावानों का मेला, की मां की उपासना
फोटो परिचय- मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। जोर से बोलो जय माता दी, जय काली कल्याण करो मां, जग जननी जय..जय मां.. मंत्र, जाप, पाठ और आरती। शनिवार को घर हो या मंदिर या फिर दुर्गा पांडाल सभी जगह यही माहौल रहा। शारदीय नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की सिद्धपीठों, देवी मंदिरों समेत दुर्गा पांडालों में आस्थावानों का मेला लगा। घरों में भी धार्मिक अनुष्ठान किए गए।
मां दुर्गा जी की सातवीं शक्ति का नाम कालरात्रि है। शारदीय नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की उपासना का विधान है। पुजारियों के अनुसार इनके शरीर का रंग घने अंधेरे की तरह काला है। सिर के बाल बिखरे हुए हैं। गले में बिजली की तरह चमकने वाली माला है। इनके तीन नेत्र हैं। मां की नासिका के श्वास-प्रश्वास से अग्नि की ज्वालाएं निकलती रहती हैं। मां कालरात्रि का स्वरूप देखने में अत्यंत भयानक है। मां कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने वाली हैं। दानव, दैत्य, राक्षस, भूत, प्रेत आदि इनके स्मरण मात्र से ही भयभीत हो जाते हैं। ये ग्रह-बाधाओं को भी दूर करने वाली हैं। इनकी पूजा-अर्चना करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। दुश्मनों का नाश होता है और तेज बढ़ता है। मां जगदम्बे की भक्ति पाने के लिए नवरात्रि में सातवें दिन इनका जाप करना चाहिए। उधर, दुर्गा पाण्डालों में अद्भुत छटा बिखरती दिखी। शहर में पूरे दिन माता के भजन गूंजते रहे। वहीं कई स्थानों में विशाल भंडारा का आयोजन किया गया। जिसमें भक्तों को पूरा दिन प्रसाद वितरण किया गया।