दिव्यांग बालिका श्रुति की पढ़ाई का हाल जानने स्कूल पहुंचे डीएम समीर
दिव्यांग बालिका श्रुति की पढ़ाई का हाल जानने स्कूल पहुंचे डीएम समीर
दिव्यांग बालिका श्रुति की पढ़ाई का हाल जानने स्कूल पहुंचे डीएम समीर, बोले—हर बच्चे तक पहुंचे शिक्षा
जनता दर्शन में मिली शिकायत पर प्रशासन ने दिखाई संवेदनशीलता, विद्यालय पहुंचकर लिया पढ़ाई और उपस्थिति का फीडबैक
दीपक धुरिया अज़रा न्यूज़ उरई, जालौन। शिक्षा से वंचित रह गई दिव्यांग बालिका श्रुति को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल के बाद जिलाधिकारी समीर बुधवार, 14 अक्टूबर को स्वयं उच्च प्राथमिक विद्यालय, काशीराम कॉलोनी पहुंचे। यहां उन्होंने विद्यालय में दाखिला लेने वाली श्रुति से मुलाकात कर उसकी पढ़ाई, उपस्थिति और सीखने के अनुभवों की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बालिका का उत्साहवर्धन करते हुए उसकी शिक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया। दरअसल, कुछ दिन पहले श्रुति अपने पिता के साथ जनता दर्शन में पहुंची थी। इस दौरान जिलाधिकारी को जानकारी मिली कि पारिवारिक परिस्थितियों और शारीरिक दिव्यांगता के चलते बालिका औपचारिक शिक्षा से दूर थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई कर श्रुति का विद्यालय में दाखिला सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे। निर्देशों के क्रम में बालिका का विद्यालय में प्रवेश कराया गया। इसके बाद बुधवार को जिलाधिकारी ने विद्यालय पहुंचकर उसकी पढ़ाई की स्थिति का फीडबैक लिया और शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए। किसी भी बच्चे की शारीरिक दिव्यांगता, पारिवारिक परिस्थिति या अन्य किसी कारण से उसकी पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जरूरतमंद बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संवेदनशीलता के साथ प्रभावी कदम उठाए जाएं। जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को भी समान शैक्षिक अवसर उपलब्ध कराना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे।