Warning: opendir(/home/areomziw/azranews.in/wp-content/mu-plugins): Failed to open directory: Permission denied in /home/areomziw/azranews.in/wp-includes/load.php on line 981 जेईई व नीट चयन प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलाव पर भड़के पूर्व सैनिक - Azra News
जेईई व नीट चयन प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलाव पर भड़के पूर्व सैनिक
जेईई व नीट चयन प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलाव पर भड़के पूर्व सैनिक
जेईई व नीट चयन प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलाव पर भड़के पूर्व सैनिक
– पूर्व सैनिकों ने समस्याओं पर चर्चा कर बनाई सहमति
फोटो परिचय- बैठक को संबोधित करते अध्यक्ष विद्या भूषण तिवारी। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति की मासिक बैठक रविवार को एक कोचिंग सेंटर में कैप्टन प्रेम सागर शुक्ला की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में पहले पूर्व सैनिकों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और उनके शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी। इसके बाद इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की चयन प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलाव को लेकर सदस्यों ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक बताया।
समिति के अध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी ने कहा कि यदि इंजीनियरिंग की संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) तथा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की मेरिट तैयार करने में 50 प्रतिशत अंक इंटरमीडिएट परीक्षा और 50 प्रतिशत अंक प्रतियोगी परीक्षा के आधार पर जोड़े जाते हैं, तो इससे शिक्षा व्यवस्था की निष्पक्षता पूरी तरह प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था भ्रष्टाचार और नकल को बढ़ावा देने वाली साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस नियम के लागू होने के बाद ऐसे विद्यालयों की संख्या बढ़ जाएगी, जहां छात्रों को अधिक अंक दिलाने के लिए नकल कराई जाएगी। दूसरी ओर, जिन विद्यालयों में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं होंगी, वहां के मेधावी छात्र कम अंक मिलने के कारण मेरिट में पीछे रह जाएंगे। इससे प्रतिभा के बजाय पैसे और प्रभाव का बोलबाला हो जाएगा। श्री तिवारी ने बताया कि वर्ष 2005 तक मेडिकल प्रवेश परीक्षा में भी इंटरमीडिएट के अंकों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाता था। उस समय इस व्यवस्था का पूरे देश में व्यापक विरोध हुआ था। विरोध के बाद तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल में प्रस्ताव लाकर इस नियम को समाप्त कराया था। इसके बाद केवल प्रतियोगी परीक्षा के अंकों के आधार पर पारदर्शी और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया लागू की गई, जिससे योग्य छात्रों को न्याय मिल सका। उन्होंने कहा कि यदि सरकार फिर से इसी व्यवस्था को लागू करती है तो आर्थिक रूप से संपन्न परिवार अपने बच्चों को अधिक अंक दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे, जबकि गरीब, ग्रामीण और कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्र अपनी योग्यता के बावजूद चयन से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि यह नियम लागू किया गया तो पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन, आंदोलन और जनजागरण अभियान चलाकर इसका पुरजोर विरोध करेगी। समिति की महिला अध्यक्ष जागृति तिवारी ने समाज के सभी संगठनों, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं से इस प्रस्ताव के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। बैठक में राजकुमार तिवारी, डीके शुक्ला, राजेश शुक्ला, चंद्रमणि दुबे, भरोसा प्रसाद अग्निहोत्री, विनोद कुमार मिश्रा, हीरालाल यादव, प्यारेलाल, रामराज अवस्थी सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।