बीस साल की सेवा के बाद भी मानदेय कम, कार्मिकों ने उठाई आवाज

    बीस साल की सेवा के बाद भी मानदेय कम, कार्मिकों ने उठाई आवाज
– छह मांगों को लेकर वीबी जीरामजी कार्मिकों ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
फोटो परिचय- उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते वीबी जीरामजी के कार्मिक।
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। ग्राम्य विकास विभाग में करीब बीस वर्षों से डिजिटल कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे वीबी जीरामजी कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने सेवा संबंधी मांगों को लेकर उपायुक्त वीबी जीरामजी अश्वनी कुमार सोनकर को ज्ञापन सौंपा। कार्मिकों ने वर्तमान पदनाम बदलकर एमआईएस इंचार्ज करने, मानदेय का पुनर्निर्धारण और एचआर पॉलिसी लागू करने समेत छह मांगें उठाईं।

कार्मिकों ने कहा कि वे डाटा एंट्री के साथ सरकारी योजनाओं का डाटा संधारण, ऑनलाइन पोर्टल संचालन, एमआईएस रिपोर्ट, डाटा सत्यापन और प्रगति रिपोर्टिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप पदनाम और मानदेय निर्धारित नहीं है। ज्ञापन में स्नातक व पीजीडीएसए अथवा समकक्ष योग्यता तथा करीब 20 वर्षों की सेवा को देखते हुए मानदेय बढ़ाने की मांग की गई। कार्मिकों ने शासनादेश का हवाला देते हुए कहा कि समान योग्यता वाले नवीन भर्ती कम्प्यूटर ऑपरेटरों का मानदेय उनसे काफी अधिक है। इसके अलावा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की तर्ज पर एचआर पॉलिसी लागू करने, सेवा निरंतरता व दीर्घ सेवा का लाभ देने, रिक्त पदों को भरने तथा भविष्य की नियमित कम्प्यूटर/एमआईएस भर्ती में अनुभवी वीबी जीरामजी कार्मिकों को अनुभव का वेटेज और नियमानुसार आयु सीमा में छूट देने की मांग की गई। पात्र कार्मिकों के लिए 50 प्रतिशत पदों पर कोटा निर्धारित करने पर विचार करने का भी अनुरोध किया गया। ज्ञापन देने वालों में आशीष कश्यप, वंदना श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार, अरविंद कुमार, फिरदौस अली सहित अन्य कार्मिक मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *