डॉक्टर बनने का सपना लेकर डीएम के पास पहुंची श्रुति, पढ़ाई में मदद के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
स्कूल जाने में परेशानी बनी थी बाधा, वॉकर से लेकर किताबों और दाखिले तक की व्यवस्था कराने की पहल
दीपक धुरिया अज़रा न्यूज़ जालौन। मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो मुश्किलें भी रास्ता नहीं रोक सकतीं, लेकिन कई बार सही अवसर और मदद की जरूरत होती है। शुक्रवार को जालौन में आयोजित जनसुनवाई के दौरान 14 वर्षीय दिव्यांग बालिका श्रुति ने जिलाधिकारी समीर के सामने पढ़-लिखकर डॉक्टर बनने की इच्छा जाहिर की।
बालिका की पढ़ाई में आ रही परेशानियों की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उरई के पाठकपुरा निवासी भगत सिंह अपनी बेटी श्रुति के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि दिव्यांगता के कारण बेटी को स्कूल आने-जाने में कठिनाई होती है।
आवागमन की समुचित सुविधा नहीं होने के कारण उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। पिता ने बेटी की सहूलियत के लिए वॉकर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने श्रुति से बातचीत की और पूछा कि वह पढ़ना चाहती है या नहीं। इस पर बालिका ने पढ़-लिखकर डॉक्टर बनने की इच्छा जताई। उसकी बात सुनने के बाद जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संसाधनों की कमी के कारण किसी बच्चे की शिक्षा बाधित नहीं होनी चाहिए।
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