सम्मान पाकर गदगद हुए सीएम से सम्मानित शिक्षक आनंद
– कहा कि पाठशाला के छात्रों को शिक्षा देंगे भरेंगे उड़ान, प्राथमिक विद्यालय बनेंगे मिसाल
फोटो परिचय- सम्मान समारोह को संबोधित करते वक्ता। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज खागा, फतेहपुर। ब्लॉक संसाधन केंद्र ऐरायां में सम्मान समारोह का आयोजन खण्ड शिक्षा अधिकारी रत्नामणि मिश्रा के नेतृत्व में किया गया स सम्मान समारोह में राज्य पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर के आदर्श शिक्षक आनंद कुमार मिश्र को खंड शिक्षा अधिकारी रत्नामणि मिश्रा द्वारा बुके व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
खण्ड शिक्षा अधिकारी रत्नामणि मिश्रा ने अपने उद्बोधन में आनंद कुमार मिश्र की प्रशंसा करते हुए कहा कि आनंद कुमार मिश्रा ने अपने परिश्रम, लगन एवं मेहनत से यह पुरस्कार प्राप्त किया है। ऐसे शिक्षक बच्चों, विद्यालय, समाज एवं राष्ट्र को नई दिशा प्रदान करते हैं तथा अन्य लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक मंत्री व एआरपी आकाश कुमार सिंह ने कहा कि आनंद कुमार मिश्र को यह सम्मान मिलने से हम सभी शिक्षक गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। पूर्व एआरपी अजय सिंह ने आनंद मिश्र के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह पुरस्कार उनकी प्रतिभा के लिए मिला है। सम्मान समारोह में प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर के प्रधानाध्यापक डॉ अम्बिका प्रसाद मिश्र, एआरपी रघुराज मौर्य, शेष नारायण दुबे, नोडल संकुल जगदीश जायसवाल, मीना सिंह गौतम, रागिनी, रूपाली गुप्ता, सपना देवी, सरोज राजपूत, माया देवी, कल्पना सिंह, मीरा देवी नर्मदा सिंह, पूजा, नेहा, धर्मराज सिंह, राजेश सिंह, वंदना श्रीवास्तव, ममता सिंह आदि शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
———————————— विजयीपुर पीएचसी में बाहर की दवा लिखे जाने का आरोप एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज खागा, फतेहपुर। विजयीपुर स्थित सरकारी अस्पताल में मरीजों को चिकित्सकों द्वारा बाहर से दवाएं खरीदने के लिए पर्चे लिखे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल में आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को कई बार ऐसी दवाएं लिखी जाती हैं, जो अस्पताल के अंदर उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ती हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार विजयीपुर पीएचसी में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को चिकित्सकों द्वारा जनरिक दवाओं के नाम लिखे जाने की बात सामने आई है। मरीजों का कहना है कि पर्चे में लिखी दवाएं अस्पताल परिसर के बाहर स्थित मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ती हैं। एक पर्चे पर दवाओं की कीमत करीब सौ रुपये से लेकर आठ सौ रुपये तक पहुंच जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। सोनमऊ गांव निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि वह उपचार के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचे थे। चिकित्सक द्वारा लिखी गई दवाओं को उन्होंने बाहर मेडिकल स्टोर से करीब आठ सौ रुपये में खरीदा। उनका कहना है कि यदि अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं तो मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। मरीजों व उनके परिजनों ने अस्पताल में उपलब्ध सरकारी दवाओं की सूची सार्वजनिक करने और चिकित्सकों द्वारा बाहर की दवाएं लिखे जाने की शिकायत की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो चिकित्साधीक्षक का मुख्य कक्ष में दरवाजा बंद था। थोड़ी देर में आने की बात कही गई।