तबादले के बाद भी चार्ज नहीं लिया, तीन लेखपालों पर गिरी गाज
तबादले के बाद भी चार्ज नहीं लिया, तीन लेखपालों पर गिरी गाज
तबादले के बाद भी चार्ज नहीं लिया, तीन लेखपालों पर गिरी गाज
– एसडीएम सदर की सख्ती से तहसील में हड़कंप, नोटिस जारी
– तीन दिन में मांगा लिखित स्पष्टीकरण, जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो होगी कार्रवाई एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज फतेहपुर। सदर तहसील में प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी करना तीन लेखपालों को भारी पड़ गया। स्थानांतरण के बाद नवीन तैनाती वाले राजस्व क्षेत्रों में कार्यभार ग्रहण नहीं करने के मामले को तहसील प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। एसडीएम सदर की सख्ती के बाद तहसीलदार सदर ने तीनों लेखपालों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर लिखित एवं तथ्यात्मक स्पष्टीकरण तलब किया है। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने अथवा स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजने की चेतावनी दी गई है।
उपजिलाधिकारी सदर ने 25 अगस्त को प्रशासनिक हित में सदर तहसील के कई लेखपालों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया था। जारी आदेश के तहत संबंधित लेखपालों को अपने पुराने कार्यक्षेत्र का चार्ज सौंपने के बाद नवीन तैनाती वाले राजस्व क्षेत्र में तत्काल कार्यभार ग्रहण करना था। आरोप है कि तीन लेखपालों ने स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद नवीन तैनाती वाले क्षेत्रों में पहुंचकर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। मामला तहसील प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद इसे उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना माना गया। इसके बाद धर्मवीर सिंह, आरती देवी और अनूप सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। स्थानांतरण आदेश के मुताबिक धर्मवीर सिंह को गाजीपुर से हटाकर भदसरी, आरती देवी को रारा से हटाकर गम्हरी तथा अनूप सिंह को खम्भापुर से हटाकर कुसुम्भी राजस्व क्षेत्र में तैनाती दी गई थी। इसके बावजूद नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर तहसील प्रशासन ने तीनों से जवाब मांगा है। तहसीलदार सदर की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि पत्र प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने अथवा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में यह माना जाएगा कि संबंधित लेखपालों को अपने पक्ष में कुछ नहीं कहना है। इसके बाद उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को आख्या भेजी जाएगी।