शिक्षा पर बुलडोज़र नहीं, इंसाफ़ चाहिए, विश्वविद्यालय के समर्थन में AIMIM का प्रदर्शन
शिक्षा पर बुलडोज़र नहीं, इंसाफ़ चाहिए, विश्वविद्यालय के समर्थन में AIMIM का प्रदर्शन
शिक्षा पर बुलडोज़र नहीं, इंसाफ़ चाहिए — मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन में AIMIM का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
AIMIM केयुवा संगठन के युवा जिलाध्यक्ष कासिम सिद्दिकी के नेतृत्व में जोरदार प्रदर्शन व राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
मो. ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर– माननीय प्रदेश अध्यक्ष जनाब शौकत अली साहब एवं सेंट्रल ज़ोन अध्यक्ष शेख़ ताहिर सिद्दीकी साहब के निर्देशानुसार AIMIM फतेहपुर के ज़िला अध्यक्ष एडवोकेट मोहिउद्दीन फारूकी साहब एवं युवा संगठन के युवा ज़िला अध्यक्ष क़ासिम सिद्दीकी साहब के नेतृत्व में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से सौंपा गया।ज्ञापन में कहा गया कि तालीमी इदारे किसी भी मुल्क की तरक़्क़ी की बुनियाद होते हैं। शिक्षा के केंद्रों की हिफ़ाज़त करना केवल छात्रों के भविष्य का नहीं, बल्कि संविधान की रूह और सामाजिक इंसाफ़ की हिफ़ाज़त का भी सवाल है।इस अवसर पर ज़िला अध्यक्ष एडवोकेट मोहिउद्दीन फारूकी साहब ने कहा कि “तालीम पर सियासत नहीं, बल्कि उसकी हिफ़ाज़त होनी चाहिए। किसी भी विश्वविद्यालय का भविष्य बुलडोज़र से नहीं, बल्कि कानून और इंसाफ़ के दायरे में तय होना चाहिए।”वहीं यूथ ज़िला अध्यक्ष क़ासिम सिद्दीकी साहब ने कहा कि “अवाम आज यह सवाल पूछ रही है कि जिन पर वर्षों तक भरोसा किया गया, उनके 111 विधायक और 37 सांसद इस अहम मुद्दे पर सदनों में प्रभावी आवाज़ क्यों नहीं उठा सके? अगर तालीम और अवाम के हुक़ूक़ की पैरवी सदनों में नहीं होगी, तो नुमाइंदगी का असली मक़सद क्या रह जाएगा?”उन्होंने कहा कि आज पूरे उत्तर प्रदेश में फतेहपुर सहित विभिन्न जनपदों में AIMIM लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीक़े से इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ बुलंद कर रही है और आगे भी करती रहेगी।कार्यक्रम में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सहित महिला विंग, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, विधानसभा एवं नगर पदाधिकारी, एक्टिव मेंबर तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे और ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाया।अंत में ज़िला नेतृत्व ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष, महिला विंग, सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आपकी एकजुटता और मौजूदगी ही संगठन की सबसे बड़ी ताक़त है तथा इंसाफ़ और तालीम की इस जद्दोजहद को और मज़बूती प्रदान करती है।