कोर्ट ने दिया मुकदमे का आदेश,,आखिर महिला को मिल सका न्याय
कोर्ट ने दिया मुकदमे का आदेश,,आखिर महिला को मिल सका न्याय
कोर्ट ने दिया मुकदमे का आदेश,,आखिर महिला को मिल सका न्याय
अधिवक्ता सोहराब खान की मेहनत से अधिक दिनों से पेंडिंग चल रहे प्रकरण पर महिला को मिला न्याय
एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़— प्रार्थिनी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र अं० धारा 173 (4) बी०एन० एस०एस० में कथन किया गया है कि प्रार्थिनी मासूमा नकवी पत्नी शीबू उर्फ हसन अहमद पुत्री रियाज हैदर निवासिनी-उत्तरी खेलदार थाना कोतवाली जिला-फतेहपुर की रहने वाली है। प्रार्थिनी का निकाह दिनांक 13.11.2021 को मुस्लिम रीति-रिवाज व बिरादरी के अनुसार हसन अहमद उर्फ शीबू पुत्र वसी रजा निवासी-नूरबेग का हाता धोबी वाली गली सआदतगंज थाना-सआदतगंज जिला-लखनऊ के साथ हुआ था। प्रार्थिनी के निकाह में प्रार्थिनी के माता-पिता ने अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था परन्तु प्रार्थिनी के ससुरालीजन पति हसन अहमद उर्फ शीबू, सास सकीना व नन्दे कश्शो उर्फ कशिश नकवी, शगुफ्ता व शीबा, देवर तकी रजा उर्फ भय्या दहेज से सन्तुष्ट नही थे तथा निकाह के बाद विदाई के समय दिये गये दान दहेज के अतिरिक्त दो लाख रूपये नगद व एक सोने की चैन की मॉग करने लगे तथा बगैर दो लाख रूपये नगद व एक सोने की चैन के प्रार्थिनी को रूकसत कराने से इंकार कर दिया, तब निकाह में मौजूद मो० जाहिद व दिलशाद व अन्य रिश्तेदारों ने बीच में पड़कर अतिरिक्त दहेज की माँग को पूरा करने के लिये 3 वर्ष का समय दिलाया, तब उपरोक्त ससुरालीजन प्रार्थिनी को रूखसत कराकर ले गये। प्रार्थिनी के उपरोक्त ससुरालीजन प्रार्थिर्नी का कम दहेज का ताना देकर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। प्रार्थिनी जब-जब मायके आती थी अपनी आप बीती बातें अपने मायकेवालों से बताती थी, परन्तु प्रार्थिनी के मायकेवाले प्रार्थिनी को समझा-बुझाकर ससुराल भेज देते थे। तीन वर्ष का समय व्यतीत हो जाने पर अतिरिक्त दहेज की मॉग पूरी न होने पर उपरोक्त ससुरालीजनों का व्यवहार प्रार्थिनी के प्रति और अधिक क्रूर हो गया तथा दिनांक 04.10.2024 को प्रार्थिनी के उपरोक्त ससुरालीजन प्रार्थिनी का समस्त स्त्रीधन, व जेवर छीनकर घर से निकाल दिया। प्रार्थिनी किसी तरह अपने मायके आयी और पूरी बात बताई। इस सम्बन्ध में प्रार्थिनी के मायकेवालों ने दिनांक 12.10.2024 को घर पर एक पारिवारिक पंचायत रखी, उस पंचायत में प्रार्थिनी के उपरोक्त ससुरालीजन सास सकीना, नन्दे कश्शो उर्फ कशिश नकवी, शगुफ्ता व शीबा, देवर तकी रजा उर्फ भय्या शामिल हुये। भरी पंचायत में प्रार्थिनी के माता-पिता ने किसी तरह 2,00,000/- रूपये की व्यवस्था करके उपरोक्त ससुरालीजनों को दिया, तब उपरोक्त ससुरालीजन प्रार्थिनी को पुनः विदा कराकर ले गये परन्तु ससुराल में बराबर कम दहेज का ताना देकर प्रताड़ित करते रहे। इस बीच प्रार्थिनी के देवर तकी रजा उर्फ भय्या प्रार्थिनी के साथ छेड़छाड़ करने लगे। प्रार्थिनी लोक -लजा के कारण किसी से कुछ नही बताती थी। दिनांक 27.01.2025 को प्रार्थिनी के देवर रात में खाना खाकर अपने कमरे में लेट गये तथा समय करीब 10 बजे रात प्रार्थिनी को आवाज देकर कमरे में पानी मंगवाया तथा कहा कि मैं ये मिठाई लाया हूँ इसे खा लो तथा जबरदस्ती मिठाई खिला दी तथा प्रार्थिनी को बुरी नियत से पकड़ लिया और प्रार्थिनी के स्तन पर हाथ लगाने लगा। प्रार्थिनी के चिल्लाने पर ससुरालीजन आ गये। उपरोक्त ससुरालीजनों ने उल्टा प्रार्थिनी को ही डाटा तथा एकरॉय होकर दिनांक 28.01.2025 को प्रार्थिनी को मारपीट कर घर से निकाल दिया।
प्रार्थिनी की ओर से अपने कथनों के समर्थन में स्वयं का शपथ पत्र, पुलिस अधीक्षक फतेहपुर को प्रेषित पत्र की छायाप्रति, मूल रजिस्ट्री रसीद पत्रावली पर दाखिल किया गया है। प्रार्थिनी के विद्वान अधिवक्ता को सुना तथा थाने की आख्या व पत्रावली का सम्यक् परिशीलन किया।
प्रार्थिनी मासूमा नकवी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 173 (4) बी०एन०एस०एस० स्वीकार किया जाता है। प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली जिला फतेहपुर को आदेशित किया जाता है कि वे प्रश्नगत प्रकरण में प्रार्थना पत्र के प्रकाश में प्रस्तावित अभियुक्त के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट अंदर सप्ताह दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही कराना सुनिश्चित करें।