मानसून की बेरुखी से तप रहा जिला, उमस ने बढ़ाई मुश्किलें
मानसून की बेरुखी से तप रहा जिला, उमस ने बढ़ाई मुश्किलें
मानसून की बेरुखी से तप रहा जिला, उमस ने बढ़ाई मुश्किलें
– जून अंतिम दौर में, बारिश का इंतजार कर रहे लोग व किसान
फोटो परिचय- भीषण गर्मी से बचने के लिए मुंह ढके युवतियां। एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़ फतेहपुर। जून माह अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन मानसून की बेरुखी के चलते जनपद में भीषण गर्मी और उमस का कहर लगातार जारी है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को झुलसा रही है, जबकि उमस के कारण दिन भर लोग पसीने से तरबतर रहे। रविवार सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी ने राहत की उम्मीद तो जगाई, लेकिन कुछ ही देर बाद उमस और बढ़ गई, जिससे लोगों की परेशानी दोगुनी हो गई।
तेज गर्मी का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। रात में भी उमस कम न होने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल रही। मानसून की देरी ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेत बारिश का इंतजार कर रहे हैं और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बादलों के बरसने की राह देख रहे हैं। समय पर बारिश नहीं होने से खरीफ की फसलों, विशेषकर धान की बुवाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द मानसून सक्रिय होगा और खेतों में पानी पहुंचने से खेती का कार्य रफ्तार पकड़ेगा। भीषण गर्मी और उमस के चलते मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। अस्पतालों में बुखार, डिहाइड्रेशन और अन्य गर्मी जनित समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दे रहे हैं। जनपदवासियों की निगाहें अब आसमान पर टिकी हैं। हर कोई मानसून की पहली जोरदार बारिश का इंतजार कर रहा है, ताकि तपती धरती को राहत मिले, जनजीवन सामान्य हो और किसानों की उम्मीदों को नया सहारा मिल सके।