संसाधनों से जूझ रहे जिले के अग्निशमन केंद्र! कैसे बुझे ‘आग
संसाधनों से जूझ रहे जिले के अग्निशमन केंद्र! कैसे बुझे ‘आग
‘एकचालक’ ‘ चार गाड़ियां’ कैसे बुझे ‘आग’ संसाधनों से जूझ रहे जिले के अग्निशमन केंद्र! अग्निशमन द्वितीय अधिकारी,लीडिंग फायरमैन एवं चालकों की कमी,फायरमैन के 25 पद खाली! खखरेरू,जहानाबाद,असोथर में नए अग्निशमन केंद्र खुलने का रास्ता हुआ साफ! सीएम की घोषणा ब्लॉक स्तर पर खुलेंगे अग्निशमन केंद्र! जमीनी हकीकत से अनभिज्ञ शासन जारी करता आदेश पर आदेश! अब विकास खंड स्तर पर फायर स्टेशन खोलनें के जारी फरमान पर दौड़ने लगे कागजी घोड़े! अपनी ही झंझावतों से जूझ रहे अग्निशमन कर्मी! एम ज़र्रेयाब खान अज़रा न्यूज़— लखनऊ के अलीगंज की जिस आग की घटना ने 15 युवाओं का जीवन लील लिया उसी घटना से नियम कायदों को लेकर हांथ पैर मारे जाने लगे।हकीकत में इनकी अनदेखी करने के बदले जिम्मेदार नजराने ले रहे हैं।और तो और अग्निकांडों से काबू पाने के लिए अग्निशमन विभाग स्वयं अपनी ही झंझावतों से जूझ रहा है।कर्मचारियों की कमी से लेकर संसाधनों का अभाव इस कदर है कि जिला मुख्यालय में ही 03 फायर टेंडर एवं रेस्क्यू की 01छोटी गाड़ी को चलाने के लिए 01ही चालाक है। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह से विभाग अपनी ही समस्याओं से घिरा रह लगने वाली आगों पर काबू पाने के लिए जूझता रहता है।
करीब 30 लाख की आबादी वाले फतेहपुर सहित बिंदकी व खागा में अग्निशमन केंद्र स्थापित हैं।ब्लॉक स्तर पर अग्निशमन केंद्र खोलने के मुख्यमंत्री के आदेश की जमीनी हकीकत यहां कुछ और ही है। जिले में जो तीन फायर स्टेशन संचालित हैं।उनमें संसाधन ही नहीं हैं। अग्निशमन के सेकंड अफसर के 02 पद,लीडिंग फायरमैन के 03,फायर सर्विस चालकों के 04,फायरमैन के स्वीकृत 53 पदों में 25 पद रिक्त हैं यानी फायरमैन ही करीब करीब आधी संख्या में ही जिले में काम कर रहे हैं। करीब 4200 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल वाले जिले में तीन फायर स्टेशन आग की घटनाओं से निपटने के लिए भौगोलिक स्थिति से किसी भी सूरत में पर्याप्त नहीं है।हुसैनगंज विधायक ऊषा मौर्या,अयाह शाह विधायक विकास गुप्त द्वारा सदन में अग्निशमन केंद्रों की समस्या के प्रकरण को उठाए जाने के बाद जहानाबाद,खखरेरू एवं असोथर में फायर स्टेशन खोलने के लिए स्वीकृति प्रदान हो गई है। यहां जमीन का भी आवंटन हो गया है।आने वाले वित्तीय वर्ष तक जिले को कुछ नए अग्निशमन केंद्र मिलने की उम्मीद जगी जरूर है।
फिलहाल संसाधनों से मार खा रहे विभाग सीमित व्यवस्थाओं में ही लगने वाली आगों से काबू पाने की कोशिश में लगा हुआ है।मुख्य अग्निशमन अधिकारी जसबीर सिंह ने बताया कि जो संसाधन हैं उसके हिसाब से आग से निपटने के प्रयास जारी हैं। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से 03 केंद्र आगे खुलने वाले हैं।विकास खंड स्तर पर भी अग्निशमन केंद्रों की स्थापना हेतु भूमि आवंटन के लिए अपर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। सवाल यह है कि क्या?राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित जिले के भौगोलिक क्षेत्रफल के हिसाब से अग्निशमन केंद्रों एवं उनके लिए संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था के सार्थक प्रयास शासन-प्रशासन एवं जन प्रतिनिधियों के स्तर पर किए गए। योगी सरकार में भी अग्निकांडों से बर्बाद होने वाली संपत्तियों एवं जीवन को बचाने की बातें तो होती रहीं लेकिन दावे और वायदे अधूरे ही रहे। अब एक बार फिर ब्लॉक स्तर पर फायर स्टेशन खोलने का मुख्यमंत्री ने नया फरमान जारी किया है अफसरों ने सतही स्तर पर इसे उतारने के लिए कागजी घोड़े दौड़ाने शुरू कर दिए हैं।अब देखना यह है कि इस पर अमल कब और कहां तक होता है?